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डोनाल्ड ट्रंप को हटाने एकजुट हुए पेलोसी, शूमर, रिपब्लिकन कांग्रेसी

अमेरिका के दो सबसे उच्च श्रेणी के डेमोक्रेट और एक रिपब्लिकन कांग्रेसी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पद से हटाने के लिए उपराष्ट्रपति माइक पेंस से कार्रवाई करने की मांग की है.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 08 Jan 2021, 01:57:35 PM
Donald Trump Impeachment

कैपिटल हिंसा के बाद डोनाल्ड ट्रंप पर पद से हटने का दबाव बढ़ा. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

न्यूयॉर्क:

हालिया विद्रोह से उबरते हुए अमेरिका के दो सबसे उच्च श्रेणी के डेमोक्रेट और एक रिपब्लिकन कांग्रेसी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पद से हटाने के लिए उपराष्ट्रपति माइक पेंस से कार्रवाई करने की मांग की है. स्पीकर नैन्सी पेलोसी और सीनेट डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने कहा कि वह अपने पद पर बने रहने के लिए बचे हुए 13 दिनों में देश के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं और मंत्रिमंडल को संविधान में आह्वान करते हुए उन्हें राष्ट्रपति के रूप में कार्य करने के लिए अयोग्य घोषित करते हुए उन्हें बाहर कर देना चाहिए. प्रतिनिधि सभा के एक रिपब्लिकन सदस्य एडम किंजिंगर ने भी ट्रंप को पद से हटाने का आह्वान किया.

पेलोसी ने दी महाभियोग की धमकी
पेलोसी ने धमकी देते हुए कहा कि अगर पेंस और कैबिनेट ने उन्हें संविधान के 25वें संशोधन के तहत नहीं हटाया, तो वह ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करेंगे. पेलोसी ने कहा, 'अगर उपराष्ट्रपति और मंत्रिमंडल कार्रवाई नहीं करते हैं, तो कांग्रेस महाभियोग के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयारी करेगी.' दोनों दलों के कई नेताओं ने बुधवार को वाशिंगटन डीसी के कैपिटल हिल पर विद्रोह करने वाले समर्थकों के लिए ट्रंप को दोषी ठहराया. शूमर ने कहा कि अगर वह राष्ट्रपति नहीं होते तो हमला नहीं होता. किंजिंगर ने कहा कि ट्रंप ने 'विद्रोह को भड़काया और उसमें घी डालने का काम किया'.

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अपनी पार्टी में अलग-थलग पड़े ट्रंप
वाशिंगटन में कैपिटल बिल्डिंग पर अपने समर्थकों के हमले के बाद ट्रंप अपने रिपब्लिकन पार्टी के भीतर अलग-थलग होते जा रहे हैं. विद्रोह से पहले ट्रंप ने समर्थकों की एक रैली को संबोधित किया था और उन्हें कांग्रेस में जाने के लिए उकसाया था, जहां चयनित राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडन और चयनित उपराष्ट्रपति के तौर पर कमला हैरिस का नाम घोषित किया जाने वाला था. ट्रांसपोर्टेशन सचिव एलेन चाओ ने यह कहते हुए मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया कि कांग्रेस पर हमले ने मुझे काफी परेशान कर दिया है, जिससे मैं खुद को अलग नहीं कर पा रही हूं.

अपनों ने भी छोड़ा हिंसा के बाद साथ
उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मैट पोटिंगर, स्टेफनी ग्रिशम, ट्रंप के पूर्व प्रवक्ता, जो फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के मुख्य कर्मचारी हैं, राष्ट्रपति के उप प्रेस सचिव सारा मैथ्यूज और व्हाइट हाउस के सोशल सेक्रेटरी एन्ना क्रिस्टीना निसेटा ने भी इस्तीफा दे दिया है. ट्रंप पर बढ़ते दबाव पर उन्होंने गुरुवार को कहा कि 20 जनवरी को जब बाइडेन और हैरिस संविधान के तहत पद ग्रहण करेंगे तब आदेश के आधार पर ट्रांजिशन होगा. एक ओर जहां ट्रंप द्वारा दंगे की निंदा नहीं करने को लेकर आलोचना की गई थी, वहीं उनके प्रेस सचिव कायले मैकएन्नेनी ने गुरुवार को कहा, 'मुझे स्पष्ट करने दें कि हमने कल अपने देश की राजधानी में जो हिंसा देखी, वह भयावह, निंदनीय और विरोधात्मक थी. हम, राष्ट्रपति और प्रशासन इसकी कड़ी शब्दों में निंदा करते हैं.'

संविधान के 25वें संशोधन का अधिकार
संविधान के 25वें संशोधन के तहत, उपराष्ट्रपति और बहुमत के साथ कैबिनेट स्पीकर और सीनेट, स्पीकर और राष्ट्रपति समर्थक टीम को लिख सकते हैं कि राष्ट्रपति 'अपने कार्यालय की शक्तियों और कर्तव्यों का निर्वहन करने में असमर्थ हैं' और उन्हें उनके पद से हटाया जाए. हालांकि इस संशोधन के माध्यम से राष्ट्रपति को अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता है, लेकिन इसके जरिए राष्ट्रपति के मानसिक स्वास्थ्य के आधार पर ऐसा किया जा सकता है.

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बचे 13 दिन ट्रंप के लिए गंभीर
पेंस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई और कैबिनेट के बहुमत से इस पर तत्काल प्रभाव पड़ेगा, जबकि महाभियोग के माध्यम से उन्हें हटाने के लिए लिए सदन से गुजरना होगा और फिर सीनेट स्तर पर जाना होगा. शूमर ने कहा कि ट्रंप के राष्ट्रपति बने रहने के बचे हुए 13 दिन लोकतंत्र के लिए खतरा है. न्यूयॉर्क में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, 'इस राष्ट्रपति को पद से हटाने का सबसे तेज और प्रभावी तरीका संविधान का 25 वां संशोधन है.' पेलोसी ने कहा, 'हम इस बात की समीक्षा करेंगे कि 25वें संशोधन के संदर्भ में हमारे विकल्प क्या हैं.'

ट्रंप पर पहले भी चला महाभियोग 
ट्रंप पर 2019 में सदन द्वारा महाभियोग लगाया गया था, लेकिन रिपब्लिकन नियंत्रित सीनेट ने उन्हें दोषी नहीं ठहराया. वहीं आखिरी बार अमेरिका को ऐसी परिस्थिति का सामना तब करना पड़ा था, जब 1974 में रिचर्ड निक्सन को महाभियोग का सामना करना पड़ा था और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था.

First Published : 08 Jan 2021, 01:57:35 PM

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