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ये क्या तमाशा है, जमानत मिलते ही आजम खान को किसी और मामले में भेज दिया जाता है जेल 

सुप्रीम कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को दो साल से जेल में बंद रखने पर बुधवार को सख्त नाराजगी जताई. कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि आजम खान के मामले में एक पैटर्न बन गया है कि जब भी उन्हें जमानत मिले तो जेल भेज दो.

News Nation Bureau | Edited By : Iftekhar Ahmed | Updated on: 11 May 2022, 06:27:37 PM
Supre Court

ये क्या तमाशा है, जमानत मिलते ही आजम को फिर से भेज दिया जाता है जेल (Photo Credit: File Photo)

highlights

  • सपा नेता आजम खान के खिलाफ दर्ज है 89 केस
  • 86 मामलों में जमानत के बाद भी जेल में है बंद
  • सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार पर जताई नाराजगी

नई दिल्ली:  

सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता आजम खान (Azam Khan) को दो साल से जेल में बंद रखने पर बुधवार को सख्त नाराजगी जताई. कोर्ट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के मामले में एक पैटर्न बन गया है कि जब भी उन्हें जमानत मिलते तो उन्हें जेल में भेज दो. जमीन हड़पने के एक मामले में उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई में देरी को लेकर खान की याचिका पर शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.

जस्टिस बी. आर. गवई और ए. एस. बोपन्ना के साथ ही एल. नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, "यह क्या है? उन्हें जाने क्यों नहीं दिया?" पीठ ने यूपी सरकार के वकील से कहा कि खान दो साल से जेल में है और एक या दो मामलों में ऐसा हो तो इसे संयोग समझा जा सकता था, लेकिन 89 मामलों में तो ऐसा नहीं हो सकता है. इसके साथ ही पीठ ने राज्य सरकार के वकील से कहा कि यह क्या है, जब भी उन्हें जमानत मिलती है तो उन्हें फिर से किसी और मामले में जेल भेज दिया जाता है. आप जवाब दाखिल करें. हम मंगलवार को फिर इस पर सुनवाई करेंगे.

कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल के दलीलों को नकारा
राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने पीठ के समक्ष दलील दी कि गलत धारणा बनाई जा रही है और खान के खिलाफ प्रत्येक मामले का एक आधार है. हालांकि, न्यायमूर्ति गवई ने कहा कि यह सिलसिला जारी रहेगा. जैसे ही उन्हें एक मामले में जमानत पर रिहा किया जाता है, आप एक नई प्राथमिकी दर्ज कर देते हैं और उन्हें सलाखों के पीछे रखना जारी रखते हैं.

यूपी में  न्याय का बनाया जा रहा मजाक 
खान का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने कहा कि इस मामले में विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है. शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह मंगलवार को तय की है. सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को जमीन हड़पने के एक मामले में समाजवादी पार्टी के नेता की जमानत अर्जी पर फैसला लेने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि उन्हें इस मामले को छोड़कर बाकी सभी मामलों में जमानत मिल गई है. अदालत ने कहा था कि यह न्याय का मजाक है और हम कुछ और नहीं कहेंगे. इससे पहले फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश चुनावों में प्रचार करने के लिए खान को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था और उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय जाने के लिए कहा था, जहां उनकी जमानत याचिका लंबित थी.

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87 में से 86 मामलों में जमानत मिल चुकी 
खान का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने शीर्ष अदालत के समक्ष कहा कि उच्च न्यायालय ने जमानत अर्जी पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. पीठ ने कहा कि खान को 87 में से 86 मामलों में जमानत मिल चुकी है. शीर्ष अदालत ने दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 11 मई को निर्धारित की थी. गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खान की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. बाद में, राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय से कुछ नए तथ्यों को रिकॉर्ड में लाने की अनुमति देने का अनुरोध किया और इस मामले में पिछले सप्ताह नए हलफनामे दायर किए गए. खान और अन्य के खिलाफ कथित तौर पर संपत्ति हड़पने और सैकड़ों करोड़ रुपये से अधिक के सार्वजनिक धन की हेराफेरी करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है.

First Published : 11 May 2022, 06:27:37 PM

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