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विश्व कप 2011 के फाइनल पर ICC ने क्‍या कहा और क्‍या है ताजा अपडेट, जानिए यहां

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने शुक्रवार को कहा कि विश्व कप 2011 के फाइनल पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है, जिसमें भारत ने श्रीलंका को हराया था.

By : Pankaj Mishra | Updated on: 04 Jul 2020, 10:37:49 AM
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भारत बनाम श्रीलंका विश्‍व कप 2011 फाइनल (Photo Credit: फाइल फोटो )

New Delhi:

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) (ICC) ने शुक्रवार को कहा कि विश्व कप 2011 (World Cup 2011) के फाइनल पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है, जिसमें भारत ने श्रीलंका को हराया था. आईसीसी (ICC) ने कहा कि इस मैच से ऐसा कोई सबूत नहीं मिलता, जिससे इसकी जांच की जाए. श्रीलंका पुलिस के विशेष जांच विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में जांच बंद कर दी, जिसके बाद विश्व क्रिकेट संस्था का बयान आया है. 

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श्रीलंका के पूर्व खेल मंत्री महिंदानंदा अलुथगामगे ने आरोप लगाया था कि श्रीलंका में कुछ पक्षों ने फाइनल को फिक्स किया था जिसके बाद श्रीलंका पुलिस ने जांच की थी. पुलिस ने कहा कि उसे महिंदानंदा अलुथगामगे के निराधार दावों के पक्ष में कोई सबूत नहीं मिले. आईसीसी भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीयू) के महाप्रबंधक अलेक्स मार्शल ने बयान में कहा कि हमारे पास आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप फाइनल 2011 की अखंडता पर संदेह करने के लिए कोई कारण नहीं है. आईसीसी इंटीग्रिटी यूनिट ने विश्व कप फाइनल 2011 को लेकर हाल के आरोपों पर गौर किया है. 

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एसीयू प्रमुख ने कहा कि इस समय हमारे सामने दावे के समर्थन में ऐसा कोई सबूत पेश नहीं किया गया, जिससे लगे कि आईसीसी भ्रष्टाचार निरोधक संहिता के तहत जांच शुरू करनी चाहिए. पूर्व श्रीलंकाई मंत्री के इस दावे को भी मार्शल ने बकवास करार दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि आईसीसी को फिक्सिंग के आरोपों से संबंधित पत्र भेजा गया था. मार्शल ने कहा कि श्रीलंका के तत्कालीन खेल मंत्री द्वारा इस संबंध में आईसीसी को पत्र भेजने का कोई रिकार्ड नहीं है और उस समय आईसीसी में कार्यरत वरिष्ठ कर्मचारियों ने भी पुष्टि की उन्हें ऐसा कोई पत्र प्राप्त करने की याद नहीं है जिसके कारण जांच हुई होगी. उन्होंने दोहराया कि आईसीसी मैच फिक्सिंग से जुड़े सभी आरोपों को गंभीरता से लेती है.

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हालांकि आपको बता दें कि इससे पहले जब मामला जांच के दायरे में आता हुआ दिखाई दिया, तभी महिंदानंदा अलुथगामगे अपने बयान पर कायम नहीं रह पाए थे. तब उन्‍होंने कहा था कि मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि मेरे संदेह की जांच हो. उन्होंने कहा, मैंने पुलिस को उस शिकायत की प्रति दी है जो मैंने तत्कालीन खेल मंत्री के रूप में आरोपों के संदर्भ में 30 अक्टूबर 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को दर्ज कराई थी. महिंदानंदा अलुथगामगे ने आरोप लगाया था कि उनके देश में मैच भारत को बेच दिया था. उनके इस दावे को पूर्व कप्तानों कुमार संगकारा और महेला जयवर्धने ने बकवास करार देते हुए उनसे सबूत मांगे थे. 

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बता दें कि उस मैच में भारत ने 275 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गौतम गंभीर (97) और तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (91) की पारियों की बदौलत जीत दर्ज की थी. हालांकि जब पूर्व खेल मंत्री ने आरोप लगाए तो तब के कप्‍तान रहे कुमार संगकारा ने ही इसे नकार दिया था. कुमार संगकारा ने ट्वीट किया था कि उन्हें अपने ‘साक्ष्य’ आईसीसी और भ्रष्टाचार रोधी एवं सुरक्षा इकाई के पास लेकर जाने की जरूरत है जिससे कि दावे की विस्तृत जांच हो सके. उस मैच में शतक जड़ने वाले पूर्व कप्तान जयवर्धने ने हालांकि इन आरोपों को बकवास करार दिया था. उन्होंने ट्वीट में पूछा, क्या चुनाव होने वाले हैं?.... जो सर्कस शुरू हुआ है वह पसंद आया... नाम और सबूत?

(एजेंसी इनपुट)

First Published : 04 Jul 2020, 10:34:54 AM

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