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hra rules Photograph: (SORA)
New HRA Claim Rules: सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) से जुड़ा एक बड़ा नियम जल्द ही बदलने जा रहा है. आयकर कानून के तहत प्रस्तावित नए प्रावधानों में HRA छूट का दावा करने की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने की तैयारी है. यदि ये नियम लागू होते हैं तो कर्मचारियों को सिर्फ किराए की रसीदें नहीं बल्कि मकान मालिक के साथ अपने रिश्ते की जानकारी भी देनी होगी.
क्या-क्या जानकारी देनी होगी अनिवार्य?
अब तक कर्मचारी अपने नियोक्ता को किराए की रसीद, रेंट एग्रीमेंट और मकान मालिक का PAN नंबर देकर HRA छूट का लाभ ले सकते थे. कई लोग अपने माता-पिता या रिश्तेदारों को किराया देकर भी यह छूट प्राप्त करते थे, जो नियमों के तहत मान्य है. लेकिन नए ड्राफ्ट नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि अब कर्मचारी को यह भी बताना होगा कि मकान मालिक से उनका क्या संबंध है. अब से फॉर्म में रिलेशनशिप कॉलम को भी एड कर दिया जाएगा.
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क्यों लिया गया ऐसा फैसला?
दरअसल, सरकार का उद्देश्य फर्जी HRA दावों पर रोक लगाना और टैक्स सिस्टम को ज्यादा डेटा-आधारित बनाना है. नए नियम लागू होने के बाद से आयकर विभाग यह जांच कर सकेगा कि किराया बैंक के माध्यम से लिया गया है या नहीं और मकान मालिक ने उसे अपनी आय में शामिल किया है या नहीं. इस नियम के तहत पता लग सकेगा कि वह संपत्ति वास्तव में उसी के नाम पर है या नहीं. इससे फर्जी और कागजी किराये लेने की प्रक्रिया पर रोक लगेगी.
TDS भरने के लिए भी नियम
इसके अलावा, यदि किराए की राशि तय सीमा से अधिक है तो संबंधित धाराओं के तहत TDS काटना भी जरूरी होगा. ऐसा न करने पर जुर्माना या पेनल्टी भी लग सकती है. गलत जानकारी देने या आय छिपाने की स्थिति में भी भारी दंड भोगना पड़ सकता है.
क्या है टैक्स सलाहकारों की राय?
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग परिवार के सदस्यों को किराया देकर HRA से छूट लेते हैं, उन्हें अब ज्यादा सावधानी बरतनी होगी. साफ-सुथरा रेंट एग्रीमेंट, बैंक ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड और मकान मालिक की आयकर रिटर्न जैसी दस्तावेजी तैयारी जरूरी होगी. फिलहाल, इस नियम को अंतिम स्वरूप देना बाकि है. बता दें कि नए नियमों का मकसद टैक्स प्रक्रिया में ट्रांस्पेरेंसी को बढ़ाना और फर्जीवाड़े को रोकना है. साथ ही सैलरी क्लास को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने दस्तावेजों को दुरुस्त कर लें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी या पेनल्टी से बचा जा सके.
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