डॉक्टर की जगह AI पर किया भरोसा, दवाओं ने बिगाड़ दी मरीज की सेहत, जानें खुद इलाज करना कितना खतरनाक

आजकल लोग गूगल और AI पर इतना भरोसा करने लगे हैं कि इलाज करने के लिए डॉक्टर नहीं बल्कि उनकी सलाह ले रहे हैं. यूपी के चंदौली में एक मरीज ने बीमारी ठीक करने के लिए एआई से दवा पूछी, शख्स की तबीयत सुधरने की जगह और बिगड़ गई.

आजकल लोग गूगल और AI पर इतना भरोसा करने लगे हैं कि इलाज करने के लिए डॉक्टर नहीं बल्कि उनकी सलाह ले रहे हैं. यूपी के चंदौली में एक मरीज ने बीमारी ठीक करने के लिए एआई से दवा पूछी, शख्स की तबीयत सुधरने की जगह और बिगड़ गई.

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Namrata Mohanty
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ai medicine prescription

ai medicine prescription Photograph: (freepik)

जब से AI ने आम लोगों की जिंदगी में कदम रखा है, तबसे लोगों ने बहुत ज्यादा अपनी निर्भरता इस पर बना ली है. तकनीकों का प्रयोग अच्छी बात है लेकिन हर किसी को यह ध्यान रखना चाहिए कि गूगल या एआई कभी भी इंसान नहीं बन सकता है. इनसे आप अपनी सेहत के बारे में पूछेंगे तो आपको सही सलाह मिले, ऐसा जरूरी नहीं है. हाल ही में चंदौली में ऐसे मामले देखे गए, जहां लोगों ने AI की सलाह पर दवा खाई. ऐसा करने से उनकी तबीयत और बिगड़ गई.

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चंदौली में AI से इलाज का ट्रेंड बना जानलेवा

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में कुछ लोगों को वायरल बुखार हुआ था. इन लोगों ने डॉक्टरों से सलाह लेने की बजाय गूगल और AI की मदद से अपना सेल्फ मेडिकेशन किया. इसके बाद इस जिले में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज आए, जिन्होंने गलत दवा खाई थी.  घरेलू नुस्खे और गलत दवाओं से बीमारी का प्रभाव भी बढ़ गया और सेहत भी खराब हुई.

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कितना खतरनाक है सेल्फ मेडिकेशन?

इस बारे में मुगलसराय की राजकीय महिला चिकित्सालय की प्रभारी डॉक्टर एसके चतुर्वेदी ने एक न्यूज वेबसाइट को बताया कि आजकल गूगल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चलन ने लोगों को डॉक्टर से दूर कर दिया है. लोग विशेषज्ञों से नहीं बल्कि इंटरनेट पर मौजूद जानकारी के माध्यम से दवाओं की जानकारी लेते हैं. उन दवाओं को खरीदते हैं और खाते हैं. इससे उनके स्वास्थ्य को बड़ी क्षति होती है.

गलत दवा लेना हो सकता है जानलेवा

मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड वेलफेयर ने भी कुछ समय पहले एक पोस्ट शेयर किया था. इस पोस्ट में केंद्र सरकार ने लोगों को बताया कि बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेना या कोई भी दवा, जो आप गूगल या AI से पूछकर खाते हैं, उससे इलाज सही होगा, यह कहना सही नहीं होगा. कई बार इससे बीमारी और गंभीर बना सकती है. इतना ही नहीं कोई गलत दवा आपकी जान भी ले सकती है.

सरकारी अस्पतालों में मौजूद हर सुविधा

चंदौली जिले के स्थानीय डॉक्टरों का कहना है कि AI या गूगल की मदद से दवा के बारे में जानकारी प्राप्त करना अलग बात है लेकिन उनकी सलाह पर दवा नहीं लेनी चाहिए. उन्होंने कहा की इलाके में मौजूद सरकारी अस्पतालों में हर तरह का इलाज, दवा और सुविधा मौजूद है. सही समय पर डॉक्टर भी मौजूद है. ऐसे में खुद की जान को जोखिम में डालना बिल्कुल सही नहीं है. खुद से इलाज करने से बचना चाहिए.

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