नोएडा इंजीनियर की मौत मामले में योगी सरकार सख्त, जानें अब तक क्या-क्या लिए एक्शन?

Noida Engineer Death Case: नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत मामले में लगातार अपडेट सामने आ रहे हैं. इस मामले में योगी सरकार सख्त नजर आ रही है. सरकार की ओर से कई कड़े एक्शन लिए जा चुके हैं.

Noida Engineer Death Case: नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत मामले में लगातार अपडेट सामने आ रहे हैं. इस मामले में योगी सरकार सख्त नजर आ रही है. सरकार की ओर से कई कड़े एक्शन लिए जा चुके हैं.

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Dheeraj Sharma
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Nodia Engineer Death Case Govt Action

Noida Engineer Death Case: नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत मामले में लगातार अपडेट सामने आ रहे हैं. इस मामले में योगी सरकार सख्त नजर आ रही है. सरकार की ओर से कई कड़े एक्शन लिए जा चुके हैं. इस मामले में नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को  हटाना हो या फिर मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन योगी सरकार ने अब तक कई कदम उठाए हैं. आइए जानते हैं कि अब तक इस केस में सरकार की ओर से क्या-क्या एक्शन लिए गए हैं. 

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एसआईटी  का गठन

योगी सरकार की ओऱ से नोएडा इंजीनियर युवराज की मौत मामले में एसआईटी का गठन किया गया है. एसआईटी ने अपने जांच भी तेज कर दी है. SIT ने बुधवार को नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में समीक्षा बैठक कर घटनास्थल का निरीक्षण किया. 

SIT को 5 दिन में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश

बता दें कि एसआईटी टीम के हेड और मेरठ एडीजी भानु भास्कर का कहना है कि इस मामले में जांच जारी है और पांच दिन के अंदर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी. एसआईटी की जांच पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से लेकर इस मामले में किन-किन लोगों की लापरवाही है जिम्मेदारों को खोजना है. 

योगी सरकार की ओर से लिए गए ये एक्शन

- सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर रियल एस्टेट कंपनियों पर FIR दर्ज

- एम्सड विशटाउन प्रा. लि. और लोटस ग्रीन के खिलाफ मामला दर्ज

- एम्सड विशटाउन परियोजना के मालिक अभय कुमार हिरासत में

- जांच में बैरिकेडिंग और सुरक्षा इंतज़ामों की भारी कमी उजागर

- नोएडा प्राधिकरण का एक जूनियर इंजीनियर निलंबित

- अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी

- बिल्डरों और प्लॉट-मालिकों को सुरक्षा मानकों को लेकर नोटिस

ये कार्रवाई भी अब तक की जा चुकी हैं

- घटनास्थल और आसपास के खतरनाक गड्ढों पर स्थायी बैरिकेडिंग कर दी गई है. 
- चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टिव मार्कर और प्रकाश व्यवस्था लगाई गई हैं
- प्रशासन ने भविष्य में दुर्घटना रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए

हेल्पलाइन नंबर भी हुए जारी

बता दें कि इंजीनियर मौत मामले को लेकर सरकार ने नोएडा के सभी निर्माणाधीन और अधूरी साइटों का 24×7 सुरक्षा ऑडिट करने का निर्देश दिया है.  इसके अलावा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली साइटों पर सख्त कार्रवाई होगी. यही नहीं प्रशासन ने इस तरह की किसी भी परेशानी या अव्यवस्था को लेकर हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. व्हाट्सएप/हेल्पलाइन नंबर 92055 59204 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है. 

नागरिक खतरनाक स्थानों की फोटो और लोकेशन भेज सकेंगे.

इस हेल्पलाइन नंबर पर क्षेत्र के नागरिक खतरनाक जगहों या साइट की जानकारी भेज सकेंगे. उनके फोटो भी भेज सकेंगे... 
-  24 घंटे के भीतर निरीक्षण और कार्रवाई का आश्वासन
- SDRF, NDRF और दमकल विभाग के साथ समन्वय मजबूत
- सभी राहत-बचाव इकाइयों को विशेष प्रशिक्षण के निर्देश
- आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी रेस्क्यू पर जोर
- प्रशासन की जनता से अपील-असुरक्षित स्थलों की तुरंत सूचना दें
- खुले गड्ढे या टूटी बैरिकेडिंग दिखे तो हेल्पलाइन पर शिकायत करें
- मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि-लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
- दोषियों पर कठोर कार्रवाई और भविष्य में दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित

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