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gwalior rabies case Photograph: (SORA)
Gwalior Rabies News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पिछले पांच दिनों के अंदर-अंदर एक मासूम सहित तीन लोगों की मौत हो चुकी है. इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है. सबसे चौंकाने वाली बात है कि 6 साल के मासूम बच्चे को एंटी-रेबीज वैक्सीन के 3 डोज लगाए गए थे. इसके बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. इसके बाद से इलाके में वैक्सीन की क्वालिटी और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग में इस मामले पर अफर-तफरी मची हुई है.
नहीं बच सका छह वर्षीय मासूम
ग्वालियर केस में सबसे गंभीर मामला छह साल के उस बच्चे का है जिसको डॉग बाइट के बाद वैक्सीन के तीन डोज दिए गए मगर फिर भी रेबीज ने उसकी जान ले ली. बच्चे का नाम हंस प्रजापति बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि उसके शरीर में रेबीज के लक्षण काफी तेजी से फैल गए थे जिस कारण टीके भी उसे नहीं बचा सके.
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हवा-पानी से लगने लगा डर!
पीड़ित बच्चे के पिता ने बताया कि उसे अचानक हवा और पानी से घबराहट होने लगी थी. वे अचानक चौंकने लगता था. उसे जब अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों के कहने पर इलाज शुरू हुआ. हंस प्रजापति को पहला टीका 13 जनवरी को लगा था, 16 जनवरी को दूसरा और 21 जनवरी को तीसरा एंटी-रेबीज का डोज दिया गया था और चौथा डोज 10 फरवरी को लगने वाला था.
शहर में आवारा कुत्तों का आतंक
लोगों का मानना है कि शहर में सड़कों पर आवारा कुत्ते बिल्कुल आजाद घूम रहे हैं. ये इतने खूंखार है कि लोगों में भय बना हुआ है. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और नाकामी भी अब जानलेवा साबित हो रही है. ये मामले न्यू जयारोग्य चिकित्सालय से सामने आए हैं, जहां बीते 5 दिनों में रेबीज से तीन मरीजों की मौत हो गई है. मगर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि समय से वैक्सीन लगने के बाद भी जान क्यों जा रही है?
क्या कहना है डॉक्टरों का?
जयारोग्य अस्पताल के सीनियर डॉक्टर और जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर मनीष चतुर्वेदी ने एक मीडिया डेस्क को बताया कि बीते 5 दिनों में हुई तीन मौतें चिंताजनक है. एंटी-रेबीज वैक्सीन के डोज लगने के बाद भी संक्रमण को दुर्लभ और खतरनाक माना जाता है. हालांकि, बच्चे की मौत के बाद अभी बहुस्तरीय जांच होनी है जिसमें इलाज की प्रक्रिया, देखरेख और वैक्सीन की गुणवत्ता की भी जांच होगी.
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