तेलंगाना में 'कुत्ता-मुक्त गांव' बनाने के लिए 1600 मासूम कुत्तों को दिया मौत का इंजेक्शन, आंध्र से बुलाए डॉगकैचर्स

तेलंगाना में एक गांव में अजीब सा सन्नाटा हो गया है. यहां एक गांव में आवारा कुत्तों को हटाने के अभियान को अंजाम देने के लिए 1600 आवारा कुत्तों को जहर देकर मौत के घाट उतारा गया. जानिए क्या है यह मामला.

तेलंगाना में एक गांव में अजीब सा सन्नाटा हो गया है. यहां एक गांव में आवारा कुत्तों को हटाने के अभियान को अंजाम देने के लिए 1600 आवारा कुत्तों को जहर देकर मौत के घाट उतारा गया. जानिए क्या है यह मामला.

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Namrata Mohanty
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telangana news Photograph: (freepik)

तेलंगाना का एक गांव विरान हो गया है. यहां कुछ दिन पहले तक गांव में किसी अंजान के प्रवेश पर आवारा कुत्ते भौंक-भौंक कर पूरे गांव को चेतावनी देते थे, वहां अब कुत्तों की कोई हलचल नहीं है. दरअसल, गांव के कुत्तों को जहर का इंजेक्शन देकर मार दिया है. हालांकि, यह​ हालात सिर्फ किसी एक गांव तक सीमित नहीं है. आंध्र प्रदेश के कुल 6 जिलों में 12 से ज्यादा गांवों में इस दर्दनाक काम को अंजाम दिया गया है.

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1600 कुत्तों को उतारा मौत के घाट

बता दें कि छह जिलों में अब तक 1600 से ज्यादा आवारा कुत्तों को मौत के घाट उतारा गया है. हालांकि, शुरुआत में यह संख्या काफी कम थी, मगर अब धीरे-धीरे आंकड़ा बढ़ कर 1600 पहुंच गया है. यह संख्या अपने आप में ही हैरान-परेशान कर रही है. 

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अभियान के नाम पर कुत्तों की मौत!

दरअसल, इन गांवों में डॉग बाइटिंग की घटनाएं काफी बढ़ गई थी. इसके बाद दिसंबर में हुए सरपंच चुनाव में इस मुद्दे को प्रमुख रूप से उठाया. यहां के जनप्रतिनिधियों ने 'कुत्ता मुक्त गांव' बनाने का वादा किया था, जिसके बाद से इलाके में कुत्ते लगातार गायब हो रहे थे. 

500 रुपए प्रति डॉग की हुई थी डील

वहीं, स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, गांव के बाहर सामूहिक कब्रें मिलीं है, जिससे इस बात का शक गहरा गया है. इसके बाद जब जांच की गई तो उसमें यह साफ हो गया कि कुत्तों की मौत का षडयंत्र योजनाबद्ध तरीके से किया गया प्लान था. साथ ही यह आरोप भी लगाए गए है कि आंध्र प्रदेश से डॉग कैचर्स बुलवाकर, उन्हें 500 रुपए प्रति कुत्ते के हिसाब से जहरीले इंजेक्शन दिए गए थे. 

पहले भी कई गांवों में दर्ज हुई शिकायत

यह कोई पहली बार नहीं है जब कुत्तों को मारने की खबर सामने आई हो. इससे पहले हनुमानकोंडा जिले के श्यामपेट और अरपेल्ली गांवों में भी 300 कुत्तों की मौत की शिकायत दर्ज हो चुकी है. कामारेड्डी जिले के वाड़ी, फरीदपेट, बंदारमश्वेरपल्ली, भवानीपेट और पलवनचा गांवों में 200 कुत्ते मार दिए गए थे. जगित्याल जिले में धर्मपुरी में 30 तो पगड़ापल्ली गांव में 300 कुत्तों को दिया गया जहरीला इंजेक्शन दिया गया. 

डॉग बाइटिंग के बढ़ते केस

बता दें कि इस इलाके में पिछले पांच सालों से कुत्तों के काटने के मामले काफी बढ़ गए हैं. साल 2020 से जुलाई 2025 तक 14,88,781 लोगों को कुत्तों ने काटा, इन्हें इलाज की जरूरत पड़ी. यूथ फॉर एंटी करप्शन की RTI अर्जी के जवाब में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस दौरान 36,07,989 एंटी-रेबीज वैक्सीन भी दी गई थी. कुछ मामले इतने खतरनाक हैं कि कुत्ते ने किसी बच्ची का सिर नोच डाला तो किसी की भौंह को काट कर निकाल दिया.

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