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magh mela Photograph: (IANS)
Magh Mela 2026: माघ मेले के चलते प्रयागराज में साधु-संतों का जमावड़ा लगा हुआ है. संगम नगरी में आस्था की डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें ऐसे कई संत देखे हैं, जिनके कमाल अद्भुत है. इस बार भी एक ऐसे तपस्वी भी आए हैं, इस महापर्व में शामिल हो रहे हैं. माघ मेले में दिगंबर अजय गिरि नाम के बाबा भी आए हैं, जो अपने सिर पर 11,000 रुद्राक्ष की माला धारण किए बैठे हैं. आइए जानते हैं कौन हैं दिगंबर अजय गिरि?
कौन हैं दिगंबर अजय गिरि?
दिगंबर अजय गिरि ने 11,000 रुद्राक्षों की माला पहनी हुई है. यह एक नागा साधु है, जो निरंजनी पंचायती अखाड़ा से हैं. माघ मेले में उन्होंने अपने सिर से लेकर गले तक की लंबी-लंबी रुद्राक्ष की माला धारण की हुई है. दिगंबर अजय गिरि ने बताया कि वे ज्यादातर केदारनाथ में रहते हैं.
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26 साल पहले लिया था संन्यास
माघ मेले में देशभर के सभी इलाकों से भक्त भजन सुनने, गाने और आध्यात्मिक साधनाओं में भाग लेने के लिए एकत्रित हुए हैं. यहां दिगंबर अजय की भी खूब चर्चा हो रही है. उन्होंने बताया कि जब वे 26 साल के थे, तब ही से उन्होंने संन्यास ले लिया था. उन्होंने 11,000 रुद्राक्ष की माला कुछ समय पहले ही धारण की है. उन्होंने कहा कि रुद्राक्ष की माला के बारे में शिवपुराण में बताया गया है. इस रूप को धारण करने के लिए उन्होंने खुद का पिंड दान भी किया और फिर साधु जीवन जीने लगे.
भस्म रमाए कर रहे तप
दिगंबर अजय शरीर पर भस्म रमाए हुए माघ मेले में विराजमान है. भस्म शिवजी को प्रिय होती है. इसलिए, उन्होंने रुद्राक्ष और भस्म दोनों को अपने शरीर पर लगाया हुआ है. यह इस बात का प्रतीक होता है जन्म और मृत्यु जीवन का सबसे बड़ा त्याग है. माघ मेले में नागा साधु और अघोरी बाबा आकर्षण का केंद्र बिंदु होते हैं.
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