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bhisma ashtami 2026 Photograph: (sora)
Bhishma Ashtami 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को माघ महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर यानी आज के दिन भीष्म अष्टमी मनाई जा रही है. धार्मिक पौराणिक कथाओं के अनुसार, आज के दिन ही भीष्म पितामह ने अपने प्राण त्यागे थे. वे कुल 58 दिनों तक बाणों की शैय्या पर लेटे हुए थे. सूर्य के उत्तरायण के बाद मकर संक्रांति पर माघ शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर उन्होंने देह छोड़ा था. इस दिन को पितृ दोषों से मुक्ति के लिए विशेष दिन माना जाता है. आज के दिन कुछ खास उपाय कर सकते हैं.
आज के दिन तर्पण करना शुभ
भीष्म अष्टमी पर पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए तर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है. आज के दिन कुतप काल में तर्पण करना चाहिए. यह काल दोपहर के समय आता है. कुतप काल के दिन आठवां मुहूर्त यह समय लगभग दोपहर 11:36 बजे से 12:24 बजे के बीच का होता है. इस समय पितरों का तर्पण करें और पितृ दोषों से मुक्ति के उपाय कर सकते हैं. इन्हें करने से दोष के प्रभाव कम होते हैं.
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कैसे करें पितरों का तर्पण?
इस दिन सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें. इसके बाद कुतप काल में तर्पण करते समय दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएं. इसके बाद तांबे या पीतल के लोटे में गंगाजल, कच्चा दूध, काले तिल, अक्षत और जौ भर लें. अब हाथ में कुशा लेकर जल को अर्पित करें. भीष्ण अष्टमी पर पितामह के मंत्र का जाप करें. आप इस दिन "वैयाघ्रपादगोत्राय सांकृत्यप्रवराय च। गंगापुत्राय भीष्माय सर्वभूतहिताय च॥" मंत्र का जाप कर सकते हैं. पितृ दोष से मुक्ति पाने से घर-परिवार में खुशियां आती हैं.
- इसके साथ आप आज शाम के समय पेड़ के नीचे दीपक जलाएं.
- आज के दिन तामसिक भोजन का सेवन बिल्कुल न करें और मन में श्रद्धा का भाव बनाए रखें.
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