World Epilepsy Day 2026: सिगरेट-शराब से बढ़ रहा है मिर्गी का खतरा! जानें हेल्थ एक्सपर्ट से इसके कारण और सलाह

World Epilepsy Day 2026: मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें इंसान को बार-बार दौरे पड़ते हैं. यह मस्तिष्क में बिजली जैसी गतिविधि बढ़ने के कारण होता है. वर्ल्ड एपिलेप्सी डे के मौके पर जानते हैं इस बीमारी के बारे में.

World Epilepsy Day 2026: मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें इंसान को बार-बार दौरे पड़ते हैं. यह मस्तिष्क में बिजली जैसी गतिविधि बढ़ने के कारण होता है. वर्ल्ड एपिलेप्सी डे के मौके पर जानते हैं इस बीमारी के बारे में.

author-image
Namrata Mohanty
New Update
world epilepsy day 2026

world epilepsy day 2026 Photograph: (SORA)

World Epilepsy Day 2026: धूम्रपान करने से आमतौर पर दिल और फेफड़ों की बीमारियां होती हैं लेकिन अब इसका प्रभाव दिमागी बीमारियों में भी हो रहा है. मिर्गी जिसे Epilepsy कहा जाता है, इसके बढ़ने के मामलों की एक वजह स्मोकिंग को बताया जा रहा है. हर साल 8 फरवरी को वर्ल्ड एपिलेप्सी डे मनाया जाता है. इस मौके पर आइए जानते हैं सिगरेट-शराब के मिर्गी से संबंध के बारे में.

Advertisment

तंबाकू का दिमाग पर असर

फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर विनीत बंगा बताते हैं कि तंबाकू में मौजूद निकोटीन और अन्य पदार्थ इंसान के मस्तिष्क में न्यूरोट्रांसमीटर को बदल देते हैं और न्यूरॉन्स  को अधिक प्रभावित करते हैं. इससे दौरे आने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है. साथ ही उन्होंने बताया कि अगर कोई पहले से मिर्गी का मरीज है और लंबे समय तक धूम्रपान करता है तो मिर्गी की दवाइयों का असर उसके शरीर पर कम हो जाता है और दौरे बार-बार आने लगते हैं.

ये भी पढ़ें- 16 साल की लड़की बनी लड़का, कोर्ट से जीता 18 करोड़, जानें क्या है पूरा मामला

शराब भी बढ़ा रही है खतरा

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबितक, शराब पीने से भी मिर्गी का खतरा बढ़ जाता है. थोड़ी शराब कभी-कभी नुकसान नहीं पहुंचाती लेकिन कुछ लोगों में यह सीधे दौरे ला सकती है. ज्यादा या अचानक शराब पीना हमारे मस्तिष्क के संतुलन को बिगाड़ देती है, जो ब्रेन के न्यूरोट्रांसमीटर और इलेक्ट्रोलाइट्स के लिए जरूरी होती है. इसके अलावा, अचानक शराब छोड़ने पर भी दौरे पड़ सकते हैं, चाहे पहले से मिर्गी की बीमारी न हों.

दोनों का साथ सेवन और खतरनाक

न्यूरोलॉजिस्ट के मुताबिक, धूम्रपान और शराब का साथ-साथ सेवन करने से मिर्गी जैसे रोगों का जोखिम को और भी ज्यादा बढ़ा सकता है. इसके अलावा, नींद की कमी, पानी की कमी और शरीर में पोषक तत्वों की कमी होने से भी ये समस्याएं पैदा होती हैं. 

मिर्गी के मरीजों के लिए जरूरी सलाह

हेल्थ एक्सपर्ट्स मिर्गी के मरीजों को खासतौर पर यह सलाह देते हैं कि वे धूम्रपान और शराब के सेवन से बचें या इनका सेवन कम से कम करें. साथ ही पुराने मरीजों को नियमित रूप से अपनी दवा लेनी चाहिए और डॉक्टर के पास जांच भी समय-समय पर करवानी चाहिए. लाइफस्टाइल को सुधारें.

मिर्गी के कुछ लक्षण

हालांकि, मिर्गी अचानक होती है. इसलिए, इसके विशेष रूप से कोई अलग लक्षण नहीं होते हैं. मगर कुछ संकेतों पर ध्यान दिया जा सकता है. जैसे- दौरे, बेहोशी होना या खुद को खोया-खोया महसूस करना, अचानक गिर जाना, स्वाद, गंध और भावनाओं में बदलाव होना.

ये भी पढ़ें- Swami Ramdev Health Tips: लिवर-किडनी की बीमारियों में क्या पिएं? स्वामी रामदेव से जानिए

Epileptic Attack What Is Epilepsy Epilepsy
Advertisment