Vitamin B12 Deficiency: क्या विटामिन बी12 की कमी का कारण दवाएं हैं? डॉक्टर ने बताई वजह, जानें

Vitamin B12 Deficiency: शरीर में विटामिन बी12 की कमी का एक कारण रोज खाई जाने वाली दवाएं भी हो सकती हैं. न्यूरोलॉजिस्ट मधुकर भारद्वाज ने इस बारे में क्या बताया है. आइए जानते हैं.

Vitamin B12 Deficiency: शरीर में विटामिन बी12 की कमी का एक कारण रोज खाई जाने वाली दवाएं भी हो सकती हैं. न्यूरोलॉजिस्ट मधुकर भारद्वाज ने इस बारे में क्या बताया है. आइए जानते हैं.

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Namrata Mohanty
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vitamin b12 deficiency Photograph: (freepik)

Vitamin B12 Deficiency: विटामिन बी12 हमारे शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक पोषक तत्व माना जाता है. यह तत्व न केवल नसों को स्वस्थ रखने में मदद करता है बल्कि शरीर रेड ब्लड सेल्स के निर्माण और DNA सिंथेसिस में भी अहम भूमिका निभाता है. शरीर में इसकी कमी होने पर हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन और कमजोरी महसूस होती है. अगर यह विटामिन बहुत ज्यादा कम हो जाए तो नर्वस सिस्टम पर भी असर पड़ता है. 

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क्या आपको पता है इस विटामिन की कमी का कारण कुछ दवाएं भी हो सकती है. जी हां, आइए जानते हैं इस बारे में हेल्थ एक्सपर्ट से.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

आकाश हेल्थकेयर के डायरेक्टर और न्यूरोलॉजी विभाग के हेड डॉ. मधुकर भारद्वाज के अनुसार, अक्सर लोग विटामिन B12 की कमी होने पर दोष खानपान में कमी और पाचन तंत्र की गड़बड़ी को देते हैं लेकिन कुछ आम दवाओं का लंबे समय तक सेवन भी इसकी कमी की एक बड़ी वजह बन सकता है.

डायबिटीज की दवा से बढ़ता है रिस्क

डॉक्टर बताते हैं कि टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों को दी जाने वाली सबसे आम दवा मेटफार्मिन विटामिन B12 की कमी कर सकती है. यह दवा आंतों में विटामिन बी12 के अवशोषण को प्रभावित करती है. कई रिसर्चों में पाया गया है कि 2 से 3 साल तक लगातार मेटफॉर्मिन लेने वाले मरीजों में, खासकर अधिक डोज लेने वालों के अंदर B12 की कमी हो जाती है.

डॉ. भारद्वाज कहते हैं कि कई बार डायबिटीज के मरीज झनझनाहट और सुन्नपन महसूस करते हैं, जिसे वे डायबिटिक न्यूरोपैथी समझ लेते हैं, जबकि असल वजह शरीर में विटामिन B12 की कमी होती है.

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एसिडिटी की दवाएं भी हानिकारक

एसिडिटी, गैस और एसिड रिफ्लक्स के लिए खाई जाने वाली दवाएं जैसे पैंटोप्राजोल, एसोमेप्राजोल और रैनिटिडीन, फेमोटिडीन भी लंबे समय तक लेने पर शरीर के अंदर विटामिन बी12 के स्तर को कम कर सकती हैं. ये दवाएं पेट में बनने वाले एसिड को कम कर देती है, जबकि भोजन से विटामिन बी12 को अलग करने और उसके अवशोषण के लिए पेट के एसिड का होना जरूरी होता है. 

मिर्गी और अन्य दवाओं का असर

फेनीटोइन और कार्बामाजेपिन जैसी मिर्गी की दवाएं भी विटामिन बी12 के मेटाबॉलिज्म और शरीर में उसके अब्जॉर्प्शन को प्रभावित कर सकती हैं. लंबे समय तक इन दवाओं के सेवन से न्यूरोलॉजिकल बीमारियां हो सकती हैं. इसके अलावा गाउट की दवा कोल्चिसीन, कुछ एंटीबायोटिक्स और मेडिकल या डेंटल ट्रीटमेंट में इस्तेमाल होने वाली नाइट्रस ऑक्साइड गैस भी शरीर में विटामिन बी12 को कम कर देती है.

विटामिन बी12 की कमी के इन लक्षणों को समझें

  • हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन होना.
  • शरीर का संतुलन बिगड़ना.
  • याददाश्त कमजोर होना.
  • मूड स्विंग्स.
  • अत्यधिक थकान महसूस करना.
  • कमजोरी और देखने में परेशानी होना.

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