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cancer causes Photograph: (SORA)
Cancer Causes: महिलाओं की सेहत से जुड़ी एक बड़ी और उम्मीद भरी रिपोर्ट सामने आई है. एक नई स्टडी में दावा किया गया है कि अब पीरियड्स के दौरान इस्तेमाल होने वाला टैम्पोन Ovarian Cancer के बारे में पता लगा सकता है. अगर यह तकनीक व्यापक स्तर पर सफल होती है, तो यह महिलाओं के लिए 'गेम-चेंजिंग' साबित होगा.
क्या है ओवेरियन कैंसर?
ओवेरियन कैंसर को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण बहुत हल्के या सामान्य होते हैं जैसे पेट में सूजन, हल्का दर्द, भूख कम लगना या थकान होना. इन लक्षणों को महिलाएं अक्सर इग्नोर कर देती हैं, जिस वजह से बीमारी का पता तब चलता है जब वह एडवांस स्टेज में पहुंच जाती है. यही वजह है कि इसकी समय पर पहचान बेहद जरूरी है.
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क्या कहती है रिसर्च?
यह रिसर्च ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल साउथेम्प्टन के शोधकर्ताओं द्वारा की गई है. इस रिसर्च के अनुसार, पीरियड्स के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले टैम्पोन में मौजूद मेंस्ट्रुअल फ्लूड में ऐसे बायोमार्कर पाए जा सकते हैं, जो कैंसर की शुरुआती कोशिकीय बदलावों का संकेत देते हैं. वैज्ञानिकों ने पाया कि इस फ्लूड का परीक्षण कर संभावित कैंसर संकेतों की पहचान की जा सकती है. इसका मतलब है कि भविष्य में महिलाओं को अलग से जटिल टेस्ट कराने की जरूरत कम पड़ सकती है और सामान्य मासिक उत्पाद ही एक डायग्नोस्टिक टूल बन सकता है. अगर यह सफल रहा तो यह एक आसान और कम दर्द वाला टेस्ट बन जाएगा.
किन महिलाओं पर परीक्षण होगा?
दरअसल, ब्रिटेन में हर साल लगभग 7,600 महिलाओं को ओवरी कैंसर होता है. लेकिन अक्सर इसका पता देर से चलता है. इस परीक्षण के लिए 250 महिलाएं जिनमें एंजेलीना जोली भी शामिल है. साथ ही वे महिलाएं जिन्हें पहले से ओवरी कैंसर है और जिनकी सर्जरी हो रही है. बता दें कि हॉलीवुड अभिनेत्री Angelina Jolie ने अपनी मां की ओवरी कैंसर से खोया था. इसके बाद उन्हें पता लगा कि उनके शरीर में BRCA जीन खराब है. इस वजह से उन्होंने एहतियातन अपने स्तन और अंडाशय हटवा दिए थे. इससे उन्हें कैंसर का खतरा कम हो गया है.
कितना सफल होगा यह ट्रायल?
हालांकि, अभी इस तकनीक पर और व्यापक क्लिनिकल ट्रायल की जरूरत है. डॉक्टरों का मानना है कि फिलहाल इसे नियमित स्क्रीनिंग का विकल्प नहीं माना जा सकता है लेकिन आने वाले सालों में यह महिला सेहत के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.
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