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SWAMI RAMDEV HEALTH TIPS Photograph: (Patanjali)
Swami Ramdev Health Tips: आजकल की बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल और खान-पान हमें बीमारियों की तरफ ले जा रहे हैं. इंसानी शरीर के अंदर रोगों का कारण खराब जीवनशैली का होना है. अगर हम सही समय से भोजन नहीं करेंगे, स्वच्छ और अच्छा भोजन नहीं खाएंगे या फिर नियमित रूप से अभ्यास और नींद नहीं लेंगे तो बीमार होना निश्चित है. फेसबुक लाइव में स्वामी रामदेव ने कहा हमारी लाइफस्टाइल में तनाव, गुस्सा, हिंसा और अब्रह्मचर्य भी बढ़ गया है, जो हमें बीमार करता है. चलिए जानते हैं रोगों से बचने के उपायों के बारे में.
यहां देखें लाइव वीडियो
कैसे पाएं रोगों से छुटकारा?
अर्जुन की छाल की चाय
स्वामी रामदेव ने बताया नियमित रूप से रोजाना एक कप अर्जुन की छाल की चाय पीने से जिंदगी में कभी भी ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक नहीं होगा. उन्होंने बताया कि बाजार में मिल रही चाय-कॉफी में एडिक्शन होता है, जो शरीर और दिमाग को कमजोर करता है. कोरोना के बाद से युवाओं को स्ट्रोक-अटैक ज्यादा होने लगा है. ऐसे में इस जड़ी-बूटी की चाय पीना सबसे फायदेमंद है.
ओबेसिटी
मोटापा, बढ़ा हुआ वजन, निकला हुआ पेट या ओबेसिटी भी लाइफस्टाइल से जुड़ी परेशानियां हैं, जो बहुत बढ़ गई हैं. इसके लिए आपको रोजाना मंडुकासन करना चाहिए. सुबह जल्दी उठना चाहिए. योग करना चाहिए और अपनी डाइट से पाम ऑयल वाली चीजों का सेवन पूरी तरह बंद कर देना. उन्होंने कहा एक योग सब रोगों का समाधान है.
मुलेठी-तुलसी और वासा के गुण
स्वामी रामदेव ने बताया कि फेफड़ों की बीमारियों में मुलेठी सबसे कारगर होती है. मुलेठी की चाय पीने से फेफड़ों का इंफेक्शन खत्म हो जाता है. यदि किसी को बहुत गंभीर फेफड़ों की समस्या है तो मुलेठी के साथ तुलसी के पत्तों का रस और वासा मिलाकर काढ़ा बनाकर पीना चाहिए. लाइव वीडियो में उन्होंने कहा कि पान का पत्ता और गुलकंद मिलाकर खाने से बलगम साफ होता है.
सर्दी-खांसी के लिए क्या करें?
फेसबुक लाइव में स्वामी रामदेव बताते हैं कि अगर सर्दी-खांसी और शरीर में कमजोरी रहती है तो उन्हें दूध में हल्दी, अदरक, तुलसी, मुलेठी और शहद मिलाकर पीना चाहिए. इससे शरीर का दर्द कम होता है और शरीर को प्रोटीन मिलता है. अगर किसी को बलगम है तो वह गाय के दूध की जगह सोया मिल्क में इस ड्रिंक को बनाकर पी सकता है.
वात रोगों का इलाज है 'गिलोय'
वात रोगों का इलाज करने के लिए एलोवेरा, गिलोय, निर्गुण्डी, पारिजात और सहजन का सेवन करें. अर्थराइटिस के रोगियों को इन सभी जड़ी-बूटियों का जूस बनाकर पीना चाहिए. गिलोय खाने से सर्दी, खांसी और बुखार से लेकर जुकाम हो या शरीर में कहीं भी सूजन हो रही है तो इसका काढ़ा पिएं. गिलोय का सेवन करने से हमारे शरीर का DNA भी मजबूत होता है. गिलोय से जेनेटिकल बीमारियों का भी इलाज हो सकता है.
शरीर को डिटॉक्स कैसे करें?
पतंजलि के गोधन अर्क में केसर, शहद और शिला तुलसी मिलाकर पीने से शरीर अंदर से डिटॉक्स हो जाता है. गुटखा, तंबाकू और शराब पीने वाले लोगों को इस ड्रिंक को पीना चाहिए. ऐसा हफ्ते में एकबार करने से पूरा शरीर अंदर से साफ हो जाता है और बीमारियां जड़ से बाहर निकल जाती हैं.
रिफाइंड ऑयल को करें हमेशा के लिए 'बाय-बाय'
पतंजलि के स्वामी रामदेव ने बताया कि खाना पकाने के लिए आपको रिफाइंड तेल का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना है. इससे आपके शरीर रोगों के घेरे में आते हैं. इस तेल को बाय-बाय कह दें क्योंकि कंपनियां इसका इस्तेमाल नमकीन और अन्य चीजों को पकाने के लिए करती हैं ताकि उनकी शेल्फ लाइफ बढ़ सके. घरेलू इस्तेमाल के लिए सरसों का तेल, देसी घी, नारियल तेल, तिल का तेल और मूंगफली के तेल का प्रयोग सबसे अच्छा होता है.
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