Gen-Z पर नई रिसर्च, माता-पिता की तुलना में कमजोर है यह पीढ़ी, हमेशा रहते हैं थके-थके

Gen-Z: एक नई स्टडी के मुताबिक, जेन-जी जेनरेशन के युवाओं में अपने माता-पिता की तुलना में कम ऊर्जा होती है. इनका शरीर हमेशा थका हुआ रहता है कि रोजमर्रा के कामों को करना भी मुश्किल लगता है. जानिए इसका कारण.

Gen-Z: एक नई स्टडी के मुताबिक, जेन-जी जेनरेशन के युवाओं में अपने माता-पिता की तुलना में कम ऊर्जा होती है. इनका शरीर हमेशा थका हुआ रहता है कि रोजमर्रा के कामों को करना भी मुश्किल लगता है. जानिए इसका कारण.

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Namrata Mohanty
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gen-z Photograph: (SORA)

Gen-Z: हाल ही में हुई नई रिसर्च में बड़ा ही चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस अध्ययन के मुताबिक करीब 73 प्रतिशत Gen-Z युवाओं का कहना है कि उनके पास अपने माता-पिता की तुलना से काफी कम ऊर्जा है. उन्हें लगातार थकान, लो-एनर्जी और मानसिक दबाव बना रहता है. ऐसे में यह परेशानी अब सिर्फ व्यक्तिगत समस्या नहीं रह गई है बल्कि पूरी जेन-जी पीढ़ी के लिए संकट बन गई है.

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क्या कहती है रिसर्च?

रिसर्च बताती है कि युवाओं में इसका सबसे बड़ा कारण खराब मूड होता है. इन लोगों की लाइफस्टाइल में खराब नींद, फाइनेंशियल स्ट्रेस और डिजिटल उपकरणों का प्रयोग ज्यादा होता है. इससे एनर्जी क्राइसिस बढ़ रही है. देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप स्क्रीन पर समय बिताने से नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. वहीं, बढ़ती महंगाई, करियर की अनिश्चितता और भविष्य की चिंता युवाओं को मानसिक रूप से ज्यादा थका रही है.

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माता-पिता की तुलना में कमजोर बच्चे!

जी हां, लगभग 69% युवाओं का मानना है कि उनकी शारीरिक ऊर्जा माता-पिता से कम है. इतना ही नहीं इन्होंने यह भी माना कि इसका असर सिर्फ उनके कामकाज तक सीमित नहीं है. कई युवाओं का कहना हैं कि रिश्तों में फिजिकल इंटीमेसी, एक्सरसाइज करना और घर का खाना बनाना भी मुश्किल लग रहा है. रोजमर्रा की जिंदगी में उत्साह की कमी साफ दिखाई देती है.

लंच के बाद भी रहते हैं कमजोर

वयस्कों ने बताया कि वे दिनभर इतने थके रहते हैं कि जब दोपहर का खाना खाते हैं तो उसके बाद भी वे कमजोरी और थकान महसूस करते हैं. दिन के समय इन्हें इतनी थकान होती है कि वे और अधिक परेशान हो जाते हैं.

हमेशा थके रहने से नहीं कर पा रहे थे यह काम?

  • नियमित व्यायाम करने में असुविधा.
  • खाना खुद बनाना मुश्किल लगना.
  • फोन पर बातचीत करना पसंद नहीं.
  • सही मुद्दे पर बात न करना.
  • वीकेंड में बाहर जाना पसंद नहीं.
  • खुद के लिए अच्छी लाइफस्टाइल बनाना.
  • यौन संबंध बनाने में दिक्कत.
  • प्रतिदिन स्नान करना पसंद नहीं.
  • कपड़े आयरन करना.

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो Gen-Z में यह 'एनर्जी क्राइसिस' आगे चलकर बर्नआउट और बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का रूप ले सकती है. 

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