/newsnation/media/media_files/2026/02/16/mounjaro-2026-02-16-11-49-13.jpg)
mounjaro Photograph: (SORA)
Mounjaro Injection: वजन घटाने वाले इंजेक्शन को लेकर जहां एक तरफ आंखों की सेहत बिगड़ने की चेतावनी दी जाती है. वहीं, अब एक नई अमेरिकी स्टडी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. इस शोध में पाया गया है कि मौंजारो लेने वाले टाइप-2 डायबिटीज मरीजों में डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी बीमारी होने या उसके गंभीर चरणों में पहुंचने के खतरे को कम कर सकती है.
क्या है डायबिटिक रेटिनोपैथी?
डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक, डायबिटिक रेटिनोपैथी एक गंभीर आंखों की बीमारी है, जो लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर रहने से होती है. इसमें रेटिना यानी आंख का वह हिस्सा होता है, जो प्रकाश को पहचानकर मस्तिष्क तक संकेत भेजता है. ये धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगती है. अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो यह स्थिति स्थायी अंधेपन का कारण बन सकती है.
अनुमान है कि मधुमेह से पीड़ित एक चौथाई से अधिक लोगों में रेटिनोपैथी के लक्षण पाए जाते हैं. यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए आंखों की नियमित जांच बेहद जरूरी मानी जाती है.
स्टडी में क्या सामने आया?
अमेरिका में170,000 से अधिक मरीजों के डेटा का विश्लेषण किया गया है. शोधकर्ताओं ने इसमें उन लोगों की तुलना की है जिन्होंने सिर्फ लाइफस्टाइल में बदलाव किया है और उन लोगों से जो मौंजारों का इंजेक्शन ले रहे थे.
ये भी पढ़ें-क्या है डार्क शावरिंग? लाइट्स ऑफ करके नहाना क्यों बन रहा नया ट्रेंड? जानिए इसके फायदे और असर
इसके परिणाम चौंकाने वाले थे. Mounjaro लेने वाले मरीजों में-
- डायबिटिक रेटिनोपैथी विकसित होने का खतरा बहुत कम था.
- पहले से मौजूद बीमारी को गंभीर होने से रोकने की संभावनाएं भी कम पाई गई थी.
सेमाग्लूटाइड से जुड़ी चेतावनियां
हाल ही में ब्रिटेन की औषधि नियामक संस्था Medicines and Healthcare products Regulatory Agency (MHRA) ने चेतावनी दी थी कि सेमाग्लूटाइड, जो Wegovy और Ozempic जैसी दवाओं में का एक तत्व है. कई दुर्लभ मामलों में दृष्टि हानि का कारण बनती है. वहीं, मौंजारो काफी हद तक सुरक्षित है.
पुरानी रिसर्च और नई रिसर्च में अंतर
2016 में की गई एक स्टडी में पाया गया था कि सेमाग्लूटाइड लेने वाले डायबिटिक रेटिनोपैथी के लगभग 10% मरीजों में लक्षण और बिगड़ सकते हैं. इसी वजह से वजन घटाने वाले इंजेक्शनों को लेकर आशंका बनी हुई थी. हालांकि, नई रिसर्च के लेखक, न्यूयॉर्क स्थित Weill Cornell Medicine के आई साइंस स्पेशलिस्ट डॉ. स्जिलार्ड किस के अनुसार, तिरजेपेटाइड (Mounjaro का एक सक्रिय घटक) के मामले में ऐसा जोखिम नहीं पाया गया. उनके मुताबिक, 'डायबिटिक रेटिनोपैथी वाले मरीजों को यह जानकर राहत मिल सकती है कि तिरजेपेटाइड उनकी आंखों की स्थिति को और खराब नहीं करता है, बल्कि जोखिम कम कर सकता है.
मरीजों के लिए लाभकारी सूचना
एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह अध्ययन संकेत देता है कि टाइप 2 डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे मरीजों के लिए Mounjaro दो तरीके से लाभ दे सकता है. ब्लड शुगर कंट्रोल और आंखों की गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में. हालांकि, विशेषज्ञ अब भी सलाह देते हैं कि किसी भी दवा को शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी जरूरी है.
ये भी पढ़ें- महिलाओं के लिए क्विनोआ और पुरुषों के लिए कॉफी बन सकती है लंबी उम्र के लिए वरदान, नई स्टडी में हुआ खुलासा
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us