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Dark Showering Benefits (Ai Image)
Dark Showering Benefits: अगर आपको रात में जल्दी नींद नहीं आती या बार-बार नींद टूट जाती है, तो एक छोटा-सा बदलाव आपकी मदद कर सकता है. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर डार्क शावरिंग नाम का ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें सोने से पहले बाथरूम की लाइट बंद करके नहाया जाता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह आदत नींद की क्वालिटी बेहतर बना सकती है.चलिए जानते हैं क्या है डार्क शावरिंग और यह नया ट्रेंज सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड कर रहा है.
क्या है डार्क शावरिंग?
डार्क शावरिंग का मतलब है नहाते समय तेज रोशनी का इस्तेमाल न करना. कई लोग पूरी तरह लाइट ऑफ करके या बहुत हल्की रोशनी में शावर लेते हैं. वेलनेस एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे दिनभर की थकान और मानसिक तनाव कम होता है.
नींद और रोशनी का कनेक्शन
नींद के विशेषज्ञ लंबे समय से सलाह देते रहे हैं कि सोने से पहले मोबाइल, टीवी और तेज लाइट से दूरी बनानी चाहिए. वजह साफ है. शाम के समय तेज रोशनी दिमाग को यह संकेत देती है कि अभी दिन बाकी है. इससे मेलाटोनिन हार्मोन का रिलीज देर से होता है. यही हार्मोन शरीर को सोने का संकेत देता है. आसान शब्दों में कहें तो, तेज रोशनी दिमाग के लिए कॉफी की तरह काम करती है.
बाथरूम की तेज लाइट क्यों बनती है परेशानी
ज्यादातर घरों में बाथरूम सबसे ज्यादा रोशन जगह होती है. मेकअप, शेविंग और ग्रूमिंग के लिए वहां तेज लाइट लगाई जाती है. लेकिन रात के समय यही लाइट शरीर पर असर करती है और नींद आने में देर लगती है. एक रिसर्च में पाया गया कि सोने से पहले सिर्फ 30 मिनट की तेज बाथरूम लाइट भी मेलाटोनिन लेवल को कम कर सकती है.
रात में नहाने के फायदे
कई लोग रात में शावर लेना पसंद करते हैं. इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी हैं जैसे गर्म पानी से शरीर रिलैक्स होता है. हाथ और पैरों की नसें फैलती हैं. बाद में शरीर का तापमान गिरता है. यही बदलाव नींद आने का संकेत देता है. 2019 की एक स्टडी में सामने आया कि जो लोग सोने से 1 से 2 घंटे पहले नहाते हैं, वे जल्दी सो जाते हैं.
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
Dr Clare Rooms के अनुसार, कम रोशनी में शावर लेना गंभीर नींद की बीमारी का इलाज नहीं है. लेकिन यह सोने से पहले की रूटीन का एक अच्छा हिस्सा बन सकता है.
Gen Z में क्यों है इतना पॉपुलर
डार्क शावरिंग ट्रेंड Gen Z की उस पसंद से मेल खाता है, जिसमें तेज लाइट की जगह सॉफ्ट और कोज़ी लाइटिंग को प्राथमिकता दी जाती है. यह ट्रेंड ‘एवरीथिंग शावर’ कल्चर को भी सपोर्ट करता है, जहां नहाना सिर्फ सफाई नहीं बल्कि सेल्फ-केयर बन जाता है.
ध्यान रखने वाली बातें
अगर आपको चलने में दिक्कत है, तो सावधानी रखें इसे फिसलने का खतरा हो सकता है. इसके अलावा हल्की सेफ लाइट या कैंडल का इस्तेमाल करें.
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