UPSC 2025 में 301वीं रैंक पर बड़ा घमासान! एक ही रोल नंबर, दो आकांक्षा सिंह; आखिर सही कौन?

UPSC 2025: UPSC 2025 के रिजल्ट में 301वीं रैंक को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. एक ही रोल नंबर पर बिहार और गाजीपुर की दो आकांक्षा सिंह ने दावा किया है. एडमिट कार्ड के बारकोड से मामला और उलझ गया है.

UPSC 2025: UPSC 2025 के रिजल्ट में 301वीं रैंक को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. एक ही रोल नंबर पर बिहार और गाजीपुर की दो आकांक्षा सिंह ने दावा किया है. एडमिट कार्ड के बारकोड से मामला और उलझ गया है.

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Yashodhan Sharma
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Akansha Singh upsc controversy

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यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के फाइनल रिजल्ट में 301वीं रैंक को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि एक ही रोल नंबर पर दो अलग-अलग युवतियों ने दावा किया है कि वही इस रैंक की असली हकदार हैं. दोनों का नाम आकांक्षा सिंह है, लेकिन एक बिहार से हैं और दूसरी उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से.

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क्या है पूरा मामला?

रिजल्ट आने के बाद पहले खबर सामने आई कि बिहार के चर्चित व्यक्ति Brahmeshwar Singh की पोती आकांक्षा सिंह ने सिविल सेवा परीक्षा में 301वीं रैंक हासिल की है. इस खबर के सामने आते ही उनके घर पर जश्न शुरू हो गया. परिवार और आसपास के लोग उन्हें बधाई देने लगे. कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके इंटरव्यू भी सामने आए, जिनमें उन्होंने अपनी सफलता की कहानी बताई.

गाजीपुर से दूसरी आकांक्षा का खड़ा हो गया विवाद

कुछ समय बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया. उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की एक दूसरी युवती, डॉ. आकांक्षा सिंह ने दावा किया कि असल में 301वीं रैंक उन्हें मिली है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं. उन्होंने बताया कि वह एक डॉक्टर हैं और उन्होंने All India Institute of Medical Sciences से गायनेकोलॉजी में मास्टर्स किया है.

और बन गया चर्चा का विषय

वीडियो में उन्होंने कहा, “मेरा नाम डॉ. आकांक्षा सिंह है और मुझे यूपीएससी 2025 में 301वीं रैंक मिली है. मुझे पता चला है कि एक और लड़की भी इस रैंक का दावा कर रही है. लेकिन असली सच्चाई एडमिट कार्ड के बारकोड से साफ हो जाएगी. फिलहाल मैं अपनी सफलता के इस पल का आनंद लेना चाहती हूं.” इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड की चर्चा शुरू हो गई. लोगों ने इन दस्तावेजों की तुलना करना शुरू कर दिया. जांच में कुछ अहम बातें सामने आईं.

कैसे खड़ा हुआ विवाद?

गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह के एडमिट कार्ड पर रोल नंबर 0856794 लिखा हुआ है. जब उनके एडमिट कार्ड पर मौजूद बारकोड को स्कैन किया गया, तो उसमें भी वही रोल नंबर दिखाई दिया. यानी एडमिट कार्ड पर लिखा रोल नंबर और बारकोड का नंबर एक-दूसरे से मेल खाते हैं.

दूसरी ओर बिहार की आकांक्षा सिंह के एडमिट कार्ड पर भी बाहर की तरफ रोल नंबर 0856794 लिखा हुआ है. लेकिन जब उनके एडमिट कार्ड के बारकोड को स्कैन किया गया तो उसमें अलग नंबर सामने आया. यहीं से इस विवाद ने और तूल पकड़ लिया.

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यूपीएससी का क्या है कहना?

प्रारंभिक जांच और सामने आए दस्तावेजों के आधार पर कई लोग मान रहे हैं कि गाजीपुर की डॉ. आकांक्षा सिंह का दावा ज्यादा मजबूत दिखाई देता है. वजह यह है कि उनके एडमिट कार्ड पर दिया गया रोल नंबर और बारकोड से मिलने वाला नंबर पूरी तरह एक जैसा है. हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक आधिकारिक रूप से Union Public Service Commission की तरफ से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है. ऐसे में अब सभी की नजर यूपीएससी की आधिकारिक जांच या स्पष्टीकरण पर टिकी हुई है.

जब तक आयोग की तरफ से स्थिति साफ नहीं की जाती, तब तक यह विवाद जारी रह सकता है. फिलहाल सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह मामला चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है कि आखिर 301वीं रैंक की असली हकदार कौन है.

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