UPSC Success Story: चाय बेचने वाले का बेटा बना IPS! संभल के देव डुडेजा की रैंक है...

UPSC Success Story: चाय की दुकान चलाने वाले पिता के बेटे देव डुडेजा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता की नई मिसाल पेश की है. आइए जानते हैं कैसा रहा उनका सफर.

UPSC Success Story: चाय की दुकान चलाने वाले पिता के बेटे देव डुडेजा ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता की नई मिसाल पेश की है. आइए जानते हैं कैसा रहा उनका सफर.

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Yashodhan Sharma
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Dev Dudeja

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UPSC Success Story: कड़ी मेहनत और मजबूत हौसले के दम पर कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है. इस बात को साबित कर दिखाया है देव डुडेजा ने. चाय की दुकान चलाने वाले पिता के बेटे देव डुडेजा ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 152वीं रैंक हासिल कर परिवार और इलाके का नाम रोशन किया है. उनकी इस सफलता से घर में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है.

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फैमिली बैकग्राउंड क्या है?

देव डुडेजा के पिता इंद्रमोहन डुडेजा एसएम डिग्री कॉलेज के सामने अपने भाइयों प्रेम डुडेजा और ब्रजमोहन डुडेजा के साथ मिलकर चाय की दुकान चलाते हैं. वहीं उनकी मां चंद्रप्रभा कंपोजिट विद्यालय मई में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत हैं. देव के छोटे भाई संकेत दिल्ली में बायोटेक्नोलॉजी से एमएससी की पढ़ाई कर रहे हैं.

2024 में आई थी 327वीं रैंक

देव डुडेजा की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने इससे पहले भी यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल की थी. वर्ष 2024 में उन्हें 327वीं रैंक मिली थी, जिसके आधार पर उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा में हुआ था. फिलहाल वह नागपुर में आयकर विभाग में ज्वाइंट कमिश्नर पद के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं.

क्या है देव का सपना?

हालांकि, देव का सपना भारतीय विदेश सेवा में जाने का था. इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने दोबारा परीक्षा देने का फैसला किया और अपनी तैयारी जारी रखी. लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने इस बार यूपीएससी में 152वीं रैंक हासिल कर ली. जानकारों के मुताबिक सामान्य वर्ग में 1 से 230 तक की रैंक को भारतीय पुलिस सेवा के लिए सुरक्षित माना जाता है. ऐसे में उम्मीद है कि देव को आईपीएस कैडर मिल सकता है.

देव की कहानी यह साबित करती है कि अगर इंसान हार नहीं मानता तो सफलता जरूर मिलती है. 'लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती'  यह पंक्ति उनकी मेहनत और संघर्ष पर बिल्कुल सही बैठती है.

क्या बोले देव के पिता?

देव के पिता इंद्रमोहन डुडेजा ने मीडिया को बताया कि देव बचपन से ही पढ़ाई में काफी होनहार रहे हैं. उन्होंने हमेशा बेटे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. जब वर्ष 2024 में देव को 327वीं रैंक मिली थी तब भी परिवार ने उन्हें दोबारा प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने बताया कि शुक्रवार दोपहर फोन पर देव ने खुद यूपीएससी में 152वीं रैंक आने की जानकारी दी. यह खबर सुनते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई.

ऐसे शुरू हुआ सफर 

देव डुडेजा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई आरआरके स्कूल से की. वर्ष 2018 में उन्होंने पीसीएम विषय से इंटरमीडिएट पास किया. इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से वर्ष 2021 में पॉलिटिकल साइंस से ग्रेजुएशन किया.

ग्रेजुएशन के दौरान ही देव ने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी. वर्ष 2022 में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा का मेन्स भी पास कर लिया था, लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हो पाया. इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखी.

पढ़ाई के साथ चलती रही तैयारी

वर्ष 2023 में उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन शुरू किया. पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी भी जारी रखी. जून 2024 में उन्होंने प्रीलिम्स परीक्षा पास की और सितंबर में मेन्स परीक्षा दी. इसके बाद मार्च 2025 में उनका इंटरव्यू हुआ. लगातार प्रयास और मेहनत का परिणाम आखिरकार उन्हें मिला और उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 152वीं रैंक हासिल कर ली. उनकी सफलता से परिवार, रिश्तेदार और आसपास के लोग बेहद खुश हैं और सभी उन्हें बधाई दे रहे हैं.

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