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देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में इस वर्ष हरियाणा के युवा आकांश ढुल ने शानदार सफलता हासिल की है. UPSC 2025 के घोषित परिणाम में आकांश ढुल ने पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि से घर में उत्सव जैसा माहौल है और आसपास के लोग भी उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं.
आकांश ढुल हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े नेता कृष्ण ढुल के बेटे हैं. बेटे की इस ऐतिहासिक सफलता से परिवार बेहद भावुक और गर्वित महसूस कर रहा है.
#WATCH पंचकूला: अपने बेटे आकांश ढुल के UPSC सिविल सर्विसेज़ फ़ाइनल रिज़ल्ट 2025 में तीसरी रैंक लाने पर हरियाणा BJP नेता कृष्ण ढुल ने कहा, "मैं उसकी कामयाबी को शब्दों में बयां भी नहीं कर सकता। पिछले आठ सालों में उसने जो कड़ी मेहनत की है, वह तारीफ़ के काबिल है। उसने साबित कर दिया… https://t.co/cRp5ee9Jtzpic.twitter.com/5hyJDYOL7f
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 6, 2026
पिता ने बेटे की मेहनत को बताया सफलता की असली वजह
अपने बेटे की उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए कृष्ण ढुल ने कहा कि वे इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकते. उन्होंने बताया कि एकांश पिछले आठ वर्षों से लगातार इस लक्ष्य के लिए मेहनत कर रहे थे.
पिता के मुताबिक, सिविल सेवा में जाने का सपना आकांश ने बहुत पहले ही देख लिया था और उसी दिशा में उन्होंने लगातार मेहनत की. उन्होंने कहा कि इतनी लंबी अवधि तक एकाग्रता और धैर्य बनाए रखना आसान नहीं होता, लेकिन उनके बेटे ने पूरी लगन के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा.
#WATCH पंचकूला | हरियाणा भाजपा नेता कृष्ण ढुल को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फोन किया और बधाई दी, जब उनके बेटे आकांश ढुल ने UPSC (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) सिविल सर्विसेज़ फ़ाइनल रिज़ल्ट 2025 में तीसरा रैंक हासिल किया।
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(वीडियो सोर्स: हरियाणा BJP नेता कृष्ण ढुल) pic.twitter.com/8QBmkelvhr
सीएम सैनी ने फोन पर की बात
कृष्ण ढुल ने कहा कि यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि कोई युवा अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखकर निरंतर मेहनत करता है तो उसे सफलता जरूर मिलती है. उन्होंने कहा कि आकांश की सफलता पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने भी फोन कर बात की. उन्होंने बधाई देने के साथ उज्जवल भविष्य की कामना भी की.
कठिन परीक्षा में मिली बड़ी सफलता
सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन UPSC की ओर से किया जाता है और इसे भारत की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक माना जाता है. हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन अंतिम चयन केवल कुछ सौ उम्मीदवारों का ही होता है.
इस परीक्षा की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी होती है. पहले प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की जाती है, उसके बाद मुख्य लिखित परीक्षा होती है और अंत में सफल उम्मीदवारों का व्यक्तित्व परीक्षण यानी इंटरव्यू लिया जाता है. इन सभी चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद ही अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाती है.
ऐसे में देशभर के प्रतिभाशाली उम्मीदवारों के बीच तीसरा स्थान हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
युवाओं के लिए प्रेरणा बने आकांश
आकांश ढुल की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं. उनकी कहानी यह बताती है कि सफलता अचानक नहीं मिलती, बल्कि इसके पीछे वर्षों की मेहनत, अनुशासन और धैर्य छिपा होता है.
परिवार के अनुसार, एकांश ने पढ़ाई के साथ-साथ अपनी तैयारी की रणनीति को भी बहुत व्यवस्थित रखा. उन्होंने नियमित अध्ययन, अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर इस कठिन परीक्षा को पार किया.
उनकी उपलब्धि से हरियाणा के युवाओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है. लोग इसे राज्य के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं.
प्रशासनिक सेवा में नई जिम्मेदारियों की ओर कदम
सिविल सेवा परीक्षा में सफल होने के बाद चयनित उम्मीदवारों को आगे प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके बाद उन्हें देश की महत्वपूर्ण प्रशासनिक सेवाओं में जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं.
एकांश ढुल की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर किसी लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर प्रयास किया जाए तो बड़ी से बड़ी चुनौती भी पार की जा सकती है. उनकी उपलब्धि आने वाले समय में हजारों युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करती रहेगी.
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