News Nation Logo
Banner

सुप्रीम कोर्ट में आज 12 बजे से होगी ब्याज पर ब्याज मामले की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान 12 अक्टूबर तक नया हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था. पिछले हफ्ते 5 अक्टूबर को हुई सुनवाई में कोर्ट रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ था.

News Nation Bureau | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 13 Oct 2020, 11:42:50 AM
Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) (Photo Credit: newsnation)

नई दिल्ली:

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) में आज ब्याज पर ब्याज (Loan Moratorium) मामले पर सुनवाई है. मामले की सुनवाई 12 बजे (13 अक्टूबर 2020) से शुरू होगी. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने 1  हफ्ते के अंदर सरकार और RBI को जवाब दाखिल करने को कहा था. अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान 12 अक्टूबर तक नया हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था. पिछले हफ्ते जस्टिस अशोक भूषण  की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने याचिकाओं के ऊपर सुनवाई की थी. 

यह भी पढ़ें: रिलायंस जियो ने रच दिया इतिहास, 40 करोड़ ग्राहक वाली देश की पहली कंपनी बनी

बता दें कि पिछले हफ्ते 5 अक्टूबर को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट रिजर्व बैंक और केंद्र सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हलफनामे में सभी सेक्टर की बात नहीं की गई है. कोर्ट ने कहा था कि कामत कमेटी की सिफारिशों का क्या हुआ, इसकी भी जानकारी नहीं है, जबकि वो पब्लिक डोमेन में होना चाहिए. सुनवाई के दौरान रियल एस्टेट डेवलपर्स ने भी सरकार के हलफनामे पर एतराज जताते हुए कहा था कि सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर के लिए कुछ नहीं किया है. हलफनामे में सरकार ने सिर्फ 2 करोड़ तक के कर्ज पर चक्रवृद्धि ब्याज में रियायत की बात कही है.

यह भी पढ़ें: Gold Rate Today: सोने-चांदी की निवेश मांग बढ़ने की संभावना, जानें आज की ट्रेडिंग टिप्स

2 करोड़ तक के कर्ज पर अब 'ब्याज पर ब्याज' से राहत
केंद्र सरकार की तरफ से हजारों की संख्या में लोगों और एमएसएमई (MSME) लोन लेने वालों के लिए एक राहत की खबर का ऐलान किया गया है. केंद्र द्वारा सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर एक हलफनामे में यह सूचित किया गया है कि छह महीने की लोन मोरेटोरियम अवधि (Moratorium Period) के दौरान दो करोड़ रुपये तक के ऋण पर ब्याज पर ब्याज की छूट दी जाएगी. हलफनामे  में इस बात का जिक्र किया गया है कि अब चक्रवृद्धि ब्याज पर छूट की भार का वहन सरकार द्वारा किया जाएगा.

यह भी पढ़ें: आरबीआई ने छोटे कारोबारियों के लिये सकल कर्ज सीमा बढ़ाकर 7.5 करोड़ रुपये की

दो करोड़ रुपये तक के लोन में लगभग सभी तरह के कर्ज शामिल
केंद्र ने कहा कि संभावित सभी विकल्पों पर सावधानीपूर्वक विचार किए जाने के बाद सरकार ने छोटे कर्जदारों की मदद करने की पंरपरा बनाए रखी है. इन दो करोड़ रुपये तक के ऋणों की श्रेणियों में एमएसएमई ऋण, शैक्षिक, आवास, उपभोक्ता, ऑटो, क्रेडिट कार्ड बकाया, उपभोग, व्यक्तिगत और पेशेवर ऋण शामिल हैं, जिन पर लागू चक्रवृद्धि ब्याज को माफ करने का फैसला लिया गया है. केंद्र ने कहा कि जमाकर्ताओं पर वित्तीय बोझ और उनकी कुल निवल संपत्ति को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किए बिना बैंकों के लिए चक्रवृद्धि ब्याज पर छूट के बोझ का वहन किया जाना संभव नहीं होगा और ऐसा जनता के हित में भी नहीं होगा.

First Published : 13 Oct 2020, 11:40:14 AM

For all the Latest Business News, Banking News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो