News Nation Logo
Banner

Jharkhand Poll: बीजेपी और आजसू की दोस्ती टूटने से कई सीटों पर बदले समीकरण

Jharkhand Poll: झारखंड बनने के बाद से साथ रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) की राहें इस चुनाव में जुदा हो गई हैं.

By : Dalchand Kumar | Updated on: 18 Nov 2019, 02:36:42 PM
मुख्यमंत्री रघुबर दास-आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो

मुख्यमंत्री रघुबर दास-आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो (Photo Credit: फाइल फोटो)

रांची:

Jharkhand Poll: झारखंड बनने के बाद से साथ रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) की राहें इस चुनाव में जुदा हो गई हैं. राज्य में इसके बाद बदले सियासी परिदृश्य में जहां कई सीटों पर नए समीकरण उभरने लगे हैं तो कई पार्टियों के सामने नई चुनौतियां आ खड़ी हुई हैं. आजसू ने प्रारंभ में बीजेपी से 17 सीटें मांगी थी. आजसू के नेता भी कहते हैं कि पार्टी ने उन सभी सीटों पर दावेदारी की थी, जिसमें पिछले चुनाव में या तो पार्टी पहले स्थान पर रही थी या फिर दूसरे स्थान पर. इसके बावजूद दोनों के बीच गठबंधन को लेकर सहमति नहीं बन सकी.

यह भी पढ़ेंः Jharkhand Poll: कांग्रेस बोली- बीजेपी के 'नकारेपन' के चलते झारखंड जीतेंगे

सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी नेतृत्व इस चुनाव में आजसू को नौ सीटें और उसके बाद 13 सीटें देने को राजी थी. बात नहीं बन पाने की स्थिति में दोनों दलों की राहें जुदा हो गईं और दोनों दलों ने अपने-अपने 'योद्घा' इस चुनाव में कई सीटों पर आमने-सामने उतार दिए. आजसू अब तक 18 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुका है. जिसमें छह ऐसी सीटें हैं, जहां बीजेपी के प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. बीजेपी के एक नेता के अनुसार, आजसू की इस चुनाव में महत्वकांक्षाएं बढ़ गई थीं, जिसे पूरा करना आसान नहीं था. इस बीच अन्य दलों से टिकट कटने से नाराज लोगों की पहली पसंद भी आजसू बनी, जिसका लाभ आजसू नेतृत्व ने भरपूर तरीके से उठाया.

घाटशिला से आजसू ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बालमुचू और छतरपुर से बीजेपी के वरिष्ठ नेता राधाकृष्ण किशोर को उतारकर बीजेपी और विपक्षी दल के गठबंधन को सकते में डाल दिया है. आजसू ने पांच ऐसी सीटों पर भी उम्मीदवार उतारकर बीजेपी को सीधे चुनौती दे दी है जो फिलहाल बीजेपी के कब्जे में हैं. उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव में आजसू ने आठ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, जिसमें से पांच सीटों पर उसे जीत हासिल हुई थी. इस परिणाम से उत्साहित और पिछले पांच सालों में राज्य की परिस्थितियों से उत्साहित आजसू ने चुनावी तैयारी और संगठन को विस्तार दिया था.

यह भी पढ़ेंः Jharkhand Poll: जमशेदपुर पूर्व सीट पर कांग्रेस और बीजेपी में होगी कांटे की टक्कर

बीजेपी और कांग्रेस से टिकट की आस में बैठे नेताओं के टिकट कटने के बाद उनकी पसंद आजसू रही, जिसका कारण आजसू द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा को देर से करना और बीजेपी के साथ रही दोस्ती को माना जा रहा है. कोडरमा से बीजेपी जिला परिषद अध्यक्ष शालिनी गुप्ता आजसू के साथ हैं, जबकि पाकुड से झामुमो के पूर्व विधायक अकील अख्तर आजसू के प्रत्याशी होंगे. ऐसे में कई सीटों पर सीधी लड़ाई त्रिकोणात्मक संघर्ष में फंस गई है.बहरहाल, आजसू के कार्यकर्ता बाहर से आए उम्मीदवारों का कितना साथ देते हैं, यह तो चुनाव परिणाम आने के बाद पता चलेगा, परंतु इतना तय है कि बीजेपी की दोस्ती टूटने के बाद आजसू ने कई सीटों पर चुनावी समीकरण बदल दिए हैं. गौरतलब है कि 81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा के चुनाव के लिए 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच चरणों में मतदान होने हैं. नतीजे 23 दिसंबर को आएंगे.

यह वीडियो देखेंः 

First Published : 18 Nov 2019, 02:34:24 PM

For all the Latest Elections News, Assembly Elections News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो