क्या भारत को भी देना होगा अमेरिका को 10 प्रतिशत टैरिफ? ट्रेड डील को लेकर व्हाइट हाउस ने कही ये बात

US Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब दुनियाभर के देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया. इस टैरिफ का असर भारत पर भी देखने को मिलेगा. क्योंकि व्हाइट हाउस ने साफ कहा है कि नया शुल्क तब तक लागू रहेगा, जब तक कोई अन्य प्राधिकरण नहीं आता.

US Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब दुनियाभर के देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया. इस टैरिफ का असर भारत पर भी देखने को मिलेगा. क्योंकि व्हाइट हाउस ने साफ कहा है कि नया शुल्क तब तक लागू रहेगा, जब तक कोई अन्य प्राधिकरण नहीं आता.

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Suhel Khan
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US President Donald Trump on Tariff

डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका Photograph: (X@WhiteHouse)

US Tariffs: अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से टैरिफ लगाने की घोषणा की है. लेकिन इस बार ट्रंप ने किसी एक या कुछ देशों पर टैरिफ का एलान नहीं किया है, बल्कि दुनियाभर के सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. इसके साथ ही सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत को भी ये टैरिफ देना होगा? क्योंकि भारत और अमेरिका के बात हाल ही में ट्रेड डील हुई है. जिसके तहत अमेरिका ने भारत पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था. 10 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद व्हाइट हाउस ने भारत से भी उम्मीद जताई है कि वह भी अमेरिका के साथ हुआ व्यापार समझौते का पालन करेगा इस शुल्क का भुगतान करेगा.

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टैरिफ को लेकर क्या बोला व्हाइट हाउस?

10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगाने के बाद व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि यह नया शुल्क तब तक लागू रहेगा, जब तक कोई अन्य प्राधिकरण लागू नहीं किया जाता. इसके साथ ही उन्होंने व्यापार भागीदारों से अमेरिकी व्यापार समझौतों का पालन करने का भी अनुरोध किया.

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी से जब पूछा गया कि क्या भारत को 10 प्रतिशत शुल्क देना होगा और क्या यह अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत पहले से लागू शुल्कों की जगह लेगा? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, "हां, 10 प्रतिशत शुल्क तब तक लागू रहेगा जब तक कोई अन्य प्राधिकरण लागू नहीं किया जाता."

इसके साथ ही अधिकारी ने सभी व्यापार भागीदारों को व्यापार समझौतों का पालन करने की सलाह भी दी. नया 10% वैश्विक शुल्क ट्रंप के संरक्षणवादी व्यापार एजेंडे का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भुगतान संतुलन संबंधी समस्याओं और अनुचित व्यापार प्रथाओं का समाधान करना है.

शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से लगा था ट्रंप को झटका

बता दें कि ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय में एक बड़ी कानूनी हार के बाद 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ की घोषणा की. दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप प्रशासन ने 1977 के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) का उपयोग करके व्यापक आयात शुल्क लगाने में अपनी कानूनी शक्ति का उल्लंघन किया है.

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ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर किए हस्ताक्षर

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को "भयानक निर्णय" बताते हुए, ट्रंप ने घोषणा की कि वह 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत 10% वैश्विक टैरिफ के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करेंगे. यह अधिकार भुगतान संतुलन घाटे को दूर करने के लिए 150 दिनों के लिए अस्थायी आयात अधिभार (15% तक) लगाने की अनुमति देता है.

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