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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ Photograph: (Social Media)
Shehbaz Sharif: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने विदेशों से कर्ज लेने पर शर्मिंदगी जताई. पाक पीएम ने कहा कि, किसी से पैसा मांगना राष्ट्रीय आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाता है. उन्होंने कहा कि मुझे और सेना प्रमुख आसिम मुनीर समेत अधिकारियों को इसके लिए शर्मशार होना पड़ता है. दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. ये वीडियो राजधानी इस्लामाबाद के एक कार्यक्रम का बताया जा रहा है. जिसमें शहबाज शरीफ इस बात को स्वीकार करते नजर आ रहे हैं कि जब वे दूसरे देशों से कर्ज मांगते हैं तो उन्हें आसिम मुनीर को शर्म आती है.
'कर्ज लेना हमारे आत्मसम्मान पर बहुत बड़ा बोझ'
स्थानीय प्रसारक A1tv के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि, "जब फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और मैं दुनिया भर में पैसे की भीख मांगते हैं तो हमें शर्म आती है. कर्ज लेना हमारे आत्मसम्मान पर बहुत बड़ा बोझ है. हमारा सिर शर्म से झुक जाता है. वे हमसे जो भी काम करवाना चाहते हैं, हम उसे मना नहीं कर पाते."
"We feel ashamed when Asim Munir and I go around the world for loan" - SHEHBAZ SHARIFpic.twitter.com/J5ysqJayLF
— News Algebra (@NewsAlgebraIND) January 30, 2026
पाकिस्तान ने की IMF से ऋण भुगतान में छूट की मांग
बता दें कि शहबाज शरीफ के कर्ज के लिए "भीख मांगने" की बात स्वीकार करने से पाकिस्तान की आर्थिक स्थित और अंतरराष्ट्रीय सहायता पर उसकी निर्भरता का पता चलता है. शहबाज शरीफ का ये बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से समर्थन और ऋण भुगतान में छूट की मांग की है. इसके साथ ही शरीफ ने अपने "सदाबहार मित्र" चीन के साथ-साथ सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर की भी तारीफ की. जिन्होंने हर परिस्थिति में, अच्छे और बुरे दोनों समय में इस्लामाबाद का समर्थन किया है.
चीन समेत इन देशों पर आर्थिक निर्भर है पाकिस्तान
बता दें कि पाकिस्तान की आर्थिक जीवनरेखाएं हाल के सालों में चीन, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर पर बहुत अधिक निर्भर हो गई है. जो विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर करने और भुगतान संतुलन संकट को रोकने के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं. चीन ने पाकिस्तान को ऋण दायित्वों को पूरा करने में मदद करने के लिए अरबों डॉलर की सुरक्षित जमा राशि को बढ़ाया है. चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) एक महत्वपूर्ण ढांचा है, जिसमें ऊर्जा और बुनियादी ढांचे में 60 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया गया है.
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वहीं सऊदी अरब ने दिसंबर 2024 में स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में 3 अरब डॉलर की जमा राशि बढ़ाई और 2025 में लगभग 1.2 अरब डॉलर की तेल भुगतान सुविधा प्रदान की. रियाद ने पाकिस्तान में खनन, कृषि और आईटी में महत्वपूर्ण निवेश करने का वादा किया है, जिसकी संभावित योजनाएं 5 से 25 अरब डॉलर तक की हैं.
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