US-Iran Tension: अमेरिका के साथ सशर्त वार्ता के लिए सहमत हुआ ईरान, साथ में हमले की भी दी धमकी

US-Iran Tension: ईरान अमेरिका के साथ सशर्त बातचीत के लिए तैयार हो गया है. इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका को हमले की भी धमकी दी है. बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच में ये बातचीत शुक्रवार को ओमान में हो सकती है.

US-Iran Tension: ईरान अमेरिका के साथ सशर्त बातचीत के लिए तैयार हो गया है. इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका को हमले की भी धमकी दी है. बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच में ये बातचीत शुक्रवार को ओमान में हो सकती है.

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Suhel Khan
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अमेरिका के साथ सशर्त वार्ता के लिए सहमत हुआ ईरान Photograph: (X@WhiteHouse/File)

US-Iran Tension: ईरान और अमेरिका युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं. इस बीच खबर आई है कि ईरान अमेरिका के साथ सशर्त बातचीत के लिए तैयार हो गया है. हालांकि ईरान ने इसके साथ अमेरिका को हमले की भी धमकी दी है. जानकारी के मुताबिक, वाशिंगटन और तेहरान के बीच हफ्तों से जारी तनावपूर्ण बयानबाजी के बाद अब नए सिरे से कूटनीतिक पहल की जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार चेतावनी दी है कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर किसी समझौते के लिए सहमत नहीं होता, तब तक "बुरी चीजें" हो सकती हैं. मध्य पूर्व में अमेरिकी विमानवाहक पोत समूह और अन्य सैन्य संपत्तियों की तैनाती से इस संदेश को और बढ़ा दिया है.

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आज ओमान में हो सकती है बातचीत

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के बीच ये बातचीत शुक्रवार को ओमान में होने की उम्मीद है. ईरान की आईएसएनए समाचार एजेंसी ने भी शुक्रवार को बातचीत के लिए ओमान को स्थान बताया है. क्षेत्रीय शक्तियों के दबाव और आंतरिक अशांति के बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने विदेश मंत्री अब्बास अराघची को औपचारिक रूप से निर्देश दिया है कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल हों. इसके साथ ही उन्होंने शर्त रखी है कि वार्ता एक उपयुक्त वातावरण में हो, जो खतरों और अनुचित अपेक्षाओं से मुक्त हो.

वार्ता को लेकर क्या बोले ईरानी राष्ट्रपति?

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने एक्स पर एक पोस्ट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, "मैंने अपने विदेश मंत्री को निर्देश दिया है कि यदि उपयुक्त वातावरण मौजूद हो, धमकियों और अनुचित अपेक्षाओं से मुक्त वातावरण हो. तो गरिमा, विवेक और व्यावहारिकता के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित निष्पक्ष और न्यायसंगत वार्ता की जाए." तेहरान का कहना है कि चर्चा केवल उसकी परमाणु गतिविधियों पर केंद्रित होनी चाहिए, जबकि अमेरिका ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं और क्षेत्र में उसके प्रॉक्सी बलों के समर्थन को भी एजेंडा में शामिल करना चाहता है.

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सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने बार-बार अपनी रक्षा क्षमताओं पर लगाई गई सीमाओं को एक लक्ष्मण रेखा बताया है, जिससे वार्ता जटिल हो गई है. वहीं ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब बलपूर्वक दिया जाएगा और इससे व्यापक संघर्ष भड़कने का खतरा है.

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