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Rajnath Singh: (X@rajnathsingh)
इस्राइल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर धावा बोल दिया है. डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को एक वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष की वजह से हो रही ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन में रुकावट को माना. उन्होंने इस घटना को असामान्य बताया. दरअसल, राजनाथ सिंह कोलकाता में सागर संकल्प मैरीटाइम कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान, उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट सहित अन्य ट्रेड रूट्स में आई रुकावट की वजह से कई सेक्टर्स और ग्लोबल ट्रेड पर असर पड़ रहा है.
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष ने वेस्ट एशियाई इलाके को संघर्ष की स्थिति में खड़ा कर दिया है, जिस वजह से होर्मुज स्ट्रेट की वजह से ट्रेड रूट में रुकावट आई है. इस वजह से ग्लोबल तेल और एनर्जी सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है.
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मिडिल ईस्ट में जो हो रहा है वह असमान्य है- रक्षा मंत्री
भारत के रक्षा मंत्री ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जो भी हो रहा है, वह बहुत असामान्य है. इस स्टेज पर कोई भी पक्की टिप्पणी करना मुश्किल है कि मिडिल ईस्ट या हमारे पड़ोस में आगे क्या हालात बन सकते हैं. अगर हम लोग होर्मुज स्ट्रेट या फिर पूरे फारस की खाड़ी इलाके को देखें तो ये दुनिया की एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बहुत जरूरी इलाका है. उन्होंने बताया कि इस इलाके में जब भी कोई रुकावट या फिर गड़बड़ी होती है तो उसका सीधा असर तेल और गैस की सप्लाई पर दिखाई देता है. इसके अलावा, हम आज सिर्फ एनर्जी सेक्टर में ही नहीं बल्कि दूसरे सेक्टर्स के सप्लाई चेन में भी रुकावट देख रहे हैं. इन अनिश्चितताओं का सीधा असर हमारी इकोनॉमी और ग्लोबल ट्रेड पर दिखाई देता है.
#WATCH | Kolkata | On the impact of US-Israel vs Iran conflict, Defence Minister Rajnath Singh says, "Strait of Hormuz or the entire Persian Gulf region is a crucial area for global energy security. When there is a disruption or interruption in this region, it directly impacts… pic.twitter.com/WTXKH4efB7
— ANI (@ANI) March 6, 2026
असामान्य स्थिति अब नया नॉर्मल बन रही है- सिंह
विभिन्न डोमेन में देशों के बीच बढ़ते स्ट्रेटेजिक कॉम्पिटिशन पर भी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि असमान्य स्थिति अब नॉर्मल बन रही है. उन्होंने बताया कि दुनिया भर के देश जमीन, हवा, पानी के साथ-साथ स्पेस तक में एक-दूसरे से टकरा रहे हैं. ये एक चिंता की बात है. ये असमान्य स्थिति है. चिंता की बात ये है कि यह असामान्य स्थिति अब नया नॉर्मल बन रही है.
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बदलते जियोपॉलिटिकल समीकरणों और अनिश्चितताओं के बीच राजनाथ सिंह ने भारत से समुद्री सेक्टर में लीडरशिप देने की अपील की है. उन्होंने सप्लाई चेन में रुकावटों का मुकाबला करने का एकमात्र तरीका सेल्फ रिलाएंस बताया है. उन्होंने कहा कि बदलती ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स के दौर में समुद एक बार फिर से दुनिया के पावर बैलेंस सेक्टर में आ गया है. ऐसे वक्त में एक बड़े समुद्री देश के रूप में भारत की जिम्मेदारी है कि वह कॉन्फिडेंस, काबिलियत और साफ विजन के साथ लीडरशिप दे.
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ये सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं- राजनाथ सिंह
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य साफ है कि 2030 तक हमें टॉप दस शिपबिल्डिंग देशों में जगह बनानी होगी. 2047 तक हमें टॉप पांच में आना होगा. ये सपना बड़ा है लेकिन न मुमकिन नहीं है. ये सिर्फ सरकार का लक्ष्य नहीं है, ये हम सब की जिम्मेदारी है.
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