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US Iran War: अमेरिका और इस्राइल ने साथ में ईरान पर धावा बोल दिया है. तीनों देशों के बीत जारी युद्ध का आज सातवां दिन है. इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान ने अमेरिका से पूछा है कि डील कैसे करें लेकिन ये रिक्वेस्ट थोड़ी देर से आई है क्योंकि अमेरिका अब ईरान से लड़ना चाहता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति गुरुवार को इंटर मियामी सॉकर टीम के एक इवेंट में शामिल हुए थे. इस दौरान, उन्होंने कहा कि अमेरिकी मिलिट्री, इस्राइली फोर्सेज के साथ मिलकर काम कर रही है. दोनों साथ में हर एक घंटे में ईरान की मिसाइलों और ड्रोन कैपेबिलिटी को खत्म कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ईरान कॉल कर रही है. वह कह रहे हैं कि हम आखिर डील कैसे करें. मैंने उसने कहा कि आपने थोड़ी देर कर दी है. अमेरिका अब लड़ना चाहता है.
ट्रंप ने इवेंट में आगे कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में ईरानी मिसाइल और ईरानी ड्रोन इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी टारगेट किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि अमेरिकी मिलिट्री अपने इस्राइली पार्टनर्स के साथ मिलकर दुश्मनों को तय समय से पहले ही खत्म कर रही है. अमेरिका और इस्राइली सेना दुश्मनों को ऐसे लेवल पर खत्म कर रही है, जो लोगों ने पहले कभी देखा ही नहीं है. हर घंटे हम लोग ईरान की अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन कैपेबिलिटी को खत्म किया जा रहा है.
ईरानी एयरफोर्स-नेवी को हुआ भारी नुकसान
ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की एयरफोर्स और नेवी को बहुत अधिक नुकसान हुआ है. उन्हें पता ही नहीं है कि क्या हो रहा है. उनकी नेवी खत्म हो गई है. सिर्फ तीन दिन में उनके 24 जहाज, एंटी एयरक्राफ्ट हथियार खत्म हो गए. इस वजह से उनके पास कोई एयरफोर्स नहीं है. उनके सभी हवाई जहाज खत्म हो गए हैं. इरान का कम्युनिकेशन सिस्टम तबाह हो गया है. मिसाइलों का जखीरा भी खत्म हो गया है. ईरानी लॉन्चर्स भी खत्म हो गए हैं.
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मिलिट्री-पुलिस को हथियार डालने की चेतावनी
ट्रंप ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड और ईरानी मिलिट्री को भी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि मैं फिर से ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स, मिलिट्री और पुलिस के सभी सदस्यों को हथियार डालने की अपील कर रहा हूं. वरना आप लोग मारे जाएंगे. उन्होंने कहा कि अब ईरानी लोगों के लिए खड़े होने और अपने देश को वापस लेने में मदद करने का वक्त है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने उन लोगों को माफ करने की बात की है, जो सरेंडर करने और मदद करने के लिए तैयार हैं. ट्रंप ने साफ कहा कि इम्युनिटी स्वीकार करो, वरना तुम्हें मौत की सजा मिलेगी.
उन्होंने विदेश में तैनात ईरानी डिप्लोमैट्स से शरण मांगने और देश के भविष्य को आकार देने में मदद करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि आप बेहतर ईरान को आकार देने में हमारी मदद करें
लेबनान तक पहुंची युद्ध की लपटें
बता दें, अमेरिका और इस्राइल ने 28 फरवरी को संयुक्त रूप से ईरान पर अटैक कर दिया था. इस जॉइंट अटैक में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई थी. ईरान ने अमेरिका-इस्राइल के इस हमले का भरपूर जवाब दिया. ईरान ने कई अरब देशों में स्थित अमेरिकी मिलिट्री बेसों और इस्राइली एसेट्स को निशाना बनाया. ईरान ने ड्रोन और मिसाइल हमलों की झड़ी लगा दी. इधर इस्राइल तेहरान के साथ-साथ हिजबुल्ला को भी निशाना बना रहा है, जिससे संघर्ष लेबनान तक बढ़ गया है.
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