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अंतरिक्ष की सैर कर धरती पर लौटे Jeff Bezos, रच डाला इतिहास

विश्व के सबसे अमीर व्यापारी जेफ बेजोस (Jeff Bezos ) मंगलवार को अंतरिक्ष की सैर कर वापस लौट आए हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Mohit Sharma | Updated on: 20 Jul 2021, 08:04:19 PM
Jeff Bezos Travels To Space In His Own Rocket

Jeff Bezos (Photo Credit: DNA)

highlights

  • विश्व के सबसे अमीर व्यापारी जेफ बेजोस ने रच डाला इतिहास
  • अंतरिक्ष की सैर कर वापस लौटे जेफ बेजोस (Jeff Bezos )
  • बेजोस से पहले ब्रिटेन के रिचर्ड यह खिताब अपने नाम कर चुके

नई दिल्ली:

विश्व के सबसे अमीर व्यापारी जेफ बेजोस (Jeff Bezos ) मंगलवार को अंतरिक्ष की सैर कर वापस लौट आए हैं. Blue Origin का New Shepard स्पेसक्राफ्ट स्पेस लिमिट समझी जाने वाली Karman Line को क्रॉस कर पृथ्वी पर लौट आया. आपको बता दें कि बेजोस (World's Richest Man) की टीम में तीन अन्य लोग भी थे. जिनमें से एक दुनिया का सबसे उम्रदराज एस्ट्रोनॉट और दूसरा सबसे यंग एस्ट्रोनॉट बन गया है. यही नहीं बेजोस अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे अरबपति भी बन गए हैं. बेजोस से पहले ब्रिटेन के बिजनेसमैन रिचर्ड ब्रैनसन यह खिताब अपने नाम कर चुके हैं.

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Blue Origin के साथ इतिहास रच दिया

आपको बता दें कि पिछले महीने, बेजोस ने अपने उद्यम ब्लू ओरिजिन के न्यू शेपर्ड के पहले क्रू मिशन पर अपने भाई मार्क और दो अन्य लोगों के साथ अंतरिक्ष के किनारे की यात्रा की घोषणा की - जिसमें 28 मिलियन पाउंड की नीलामी का विजेता भी शामिल था. 1 जुलाई को, बेजोस ने चौथे चालक दल के सदस्य - वैली फंक की घोषणा की, जो एक महान एविएटर है, जिसके पास वर्जिन की वीएसएस यूनिटी का टिकट भी है. वर्जिन गेलेक्टिक की घोषणा भी उसी दिन हुई थी. गौरतलब है कि बेजोस स्पेस की ऊंचाइयों को छूने वाले दुनिया के पहले अरबपति तो नहीं बन पाए, लेकिन अपनी कंपनी Blue Origin के साथ उन्होंने जरूर एक इतिहास रच दिया है. क्योंकि स्पेस में पहुंचते ही एक्सपर्ट पायलट वॉली फंक विश्व के सबसे उम्रदराज एस्ट्रोनॉट बन गई. इसके अलावा 18 वर्षीय ओलिवर डेमन दुनिया के सबसे कम उम्र के एस्ट्रोनॉट बने. यहां हम आपको न्यू शेफर्ड के बारे में बताते हैं. दरअसल, शेफर्ड रॉकेट सबऑर्बिटल फ्लाइट है और यह ध्वनि की 3 गुना गति से स्पेस की सैर करने की क्षमता रखता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यह अं​तरिक्ष में तब तक सीधा जाता रहता है, जब तक कि इसका फ्यूल खत्म न हो जाए.

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आपको बता दें अंतरिक्ष संबंधी इतिहास रचने की शुरुआत 52 साल पहले तब हुई थी, जब नील आर्मस्ट्रांग ने चांद पर पहला कदम रखा था. इसी के साथ नील ऐसा करने वाले दुनिया के पहले इंसान बन गए ​थे.  उन्होंने नासा का अंतरिक्षयान अपोलो से 16 जुलाई को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित जॉन एफ कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी थी और चार दिन का सफर पूरा करके 20 जुलाई 1969 को धरती पर लौटे थे. एक जानकारी के अनुसार यह अंतरिक्षयान 21 घंटे 31 मिनट तक चांद पर रहा था.

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First Published : 20 Jul 2021, 07:09:34 PM

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