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हिजाब को लेकर इस देश ने शुरू की सख्ती, ड्रोन से की जा रही बुर्का न पहनने वाली महिलाओं की निगरानी

Iran Hijab Law: ईरान ने हिजाब कानून को पूरी तरह से लागू कराने के लिए सख्ती बरतना शुरू कर दी है. इसके लिए ड्रोन के जरिए महिलाओं की निगरानी की जा रही है.

Updated on: 18 May 2024, 11:14 AM

नई दिल्ली:

Iran Hijab Law: ईरान दुनिया के उन मुस्लिम देशों में शामिल है जहां महिलाओं के लिए सख्त कानून लागू हैं. देश में महिलाओं के बुर्का और नकाब लगाने को लेकर भी नियम बनाए गए हैं. जिनका उल्लंघन करने पर सख्त से सख्त सजा दी जाती है. इस कानून को लागू करने के लिए अब ईरान ने और सख्ती बरतना शुरू कर दी है. दरअसल, ईरान में लागू हिजाब कानून के पालन के लिए सरकार ने ड्रोन तैनात किए हैं. इन ड्रोन के जरिए सरकार महिलाओं की निगरानी कर रही है. जिससे ये पता लगाया जा सके कि कोई महिला बिना हिजाब या नकाब के घर से बाहर तो नहीं निकल रही.

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ड्रोन से की जा रही महिलाओं की निगरानी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने देश के अनिवार्य हिजाब कानूनों को लागू करने के लिए दक्षिण में किश द्वीप पर ड्रोन निगरानी लागू की है. यह सरकार की 'नूर योजना' के कार्यान्वयन के साथ मेल खाता है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के कपड़ों पर प्रतिबंध को कड़ा करना है. हाल ही में 35वें तेहरान अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में, प्रत्यक्षदर्शियों ने हिजाब न पहनने वाली महिलाओं को निशाना बनाने के लिए कैमरों से लैस क्वाडकॉप्टर के उपयोग की सूचना दी थी. ड्रोन उनकी तस्वीरें लेते हैं और उनका स्थान बताते हैं, जिससे "हिजाब लागू करने वालों" को उनका सीधे सामना करने में मदद मिलती है.

बिना हिजाब के प्रवेश पर रोक

यही नहीं इस पुस्तक मेले में हिजाब के बिना प्रवेश करने का प्रयास करने वाली महिलाओं को कथित तौर पर प्रवेश से पूरी तरह से वंचित कर दिया गया, हर प्रवेश द्वार पर सुरक्षा बल तैनात किए गए थे. बता दें कि ईरान की "नूर योजना" के कार्यान्वयन में अनिवार्य हिजाब का उल्लंघन करने वाली महिलाओं को निशाना बनाने वाली पुलिस और विशेष इकाइयों द्वारा हिंसक गिरफ्तारियों के कई मामले भी देखे गए हैं.

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अप्रैल से बढ़ाई गई सख्ती

ईरान में 13 अप्रैल से कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने ​​"नूर योजना" के तहत हिजाब नियमों के प्रवर्तन को तेज कर रही हैं. पूरे ईरान में ड्रेस कोड के कथित उल्लंघन के लिए महिलाओं को गिरफ्तार किए जाने और परेशान किए जाने की कई रिपोर्टें सामने आई हैं. ड्रोन से हिजाब कानून की निगरानी करने वाले कई वीडियो भी सामने आए हैं. इन वीडियो में कानून प्रवर्तन एजेंट सार्वजनिक क्षेत्रों में महिलाओं से भिड़ते नजर आ रहे हैं और उन्होंने हिजाब कानून का पालन करने के लिए रोकते नजर आ रहे हैं. इस तरह के वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया में ईरान सरकार की कड़ी आलोचना की जा रही है.

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2022 में महसा अमिनी की हुई थी मौत

बता दें कि साल 2022 में महसा जीना अमिनी की मौत के बाद ईरान में जमकर विरोध प्रदर्शन हुए थे. बता दें कि 16 सितंबर 2022 को 22 वर्षीय ईरानी महिला महसा अमिनी (जीना अमिनी) की ईरान की राजधानी तेहरान के एक अस्पताल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. ईरान सरकार की धार्मिक नैतिकता पुलिस, गाइडेंस पेट्रोल ने, सरकारी मानकों के अनुसार हिजाब नहीं पहनने के आरोप में अमिनी को गिरफ्तार कर लिया. हिरासत केंद्र में अमिनी बेहोश हो गई. उसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. जहां तीन दिन बाद उन्होंने दम तोड़ दिया.