पेरिस में होने वाली G-7 बैठक में शामिल नहीं होंगे ट्रंप, अमेरिका ने ठुकराया फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों का प्रस्ताव

US News: ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर ट्रंप के रुख का फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कड़ा विरोध कर रहे हैं. जिसके चलते ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर प्रस्तावित आपातकालीन जी-7 बैठक में शामिल होने के मैक्रों के आह्वान को ठुकरा दिया.

US News: ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर ट्रंप के रुख का फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कड़ा विरोध कर रहे हैं. जिसके चलते ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर प्रस्तावित आपातकालीन जी-7 बैठक में शामिल होने के मैक्रों के आह्वान को ठुकरा दिया.

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Suhel Khan
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Donald Trump on Greenland

ग्रीनलैंड में होने वाली आपातकालीन जी-7 बैठक में शामिल नहीं होंगे ट्रंप Photograph: (X@WhiteHouse)

US News: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा करने को लेकर लगातार बयानबाजी कर रहे हैं. जिसके चलते यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ हुआ है. इस तनाव के बीच ग्रीनलैंड को लेकर आपातकालीन जी-7 बैठक बुलाई गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आपातकालीन जी-7 बैठक के आह्वान को ठुकरा दिया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मैक्रों ज्यादा दिन तक टिक नहीं पाएंगे.

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मैक्रों को लेकर क्या बोले ट्रंप?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि, वह प्रस्तावित बैठक में शामिल नहीं होंगे, जिससे मैक्रों के राजनीतिक भविष्य पर अनिश्चितता का संकेत मिलता है. ट्रंप ने कहा कि, "नहीं, मैं ऐसा नहीं करूंगा. क्योंकि इमैनुएल बहुत लंबे समय तक पद पर नहीं रहेंगे और उनकी सत्ता में कोई दीर्घायु नहीं है." बता दें कि ट्रंप का ये बयान तब आया है जब ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर मैक्रों के उस मैसेजों का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें उन्होंने विश्व आर्थिक मंच के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति को जी-7 बैठक के लिए आमंत्रित किया था.

ग्रीनलैंड पर भिड़े ट्रंप और मैक्रों

वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि सीरिया के मुद्दे पर फ्रांस और अमेरिका एकमत हैं और ईरान के मामले में भी वे बड़े कदम उठा सकते हैं, लेकिन ग्रीनलैंड पर उनका रुख समझ में नहीं आया. मैक्रों ने ट्रंप को लिखे एक मैसेज में कहा, "मेरे मित्र, सीरिया के मुद्दे पर हम पूरी तरह सहमत हैं. ईरान के मामले में हम बड़े कदम उठा सकते हैं. ग्रीनलैंड पर आप जो कर रहे हैं, वह मुझे समझ में नहीं आ रहा है. आइए मिलकर कुछ बड़े काम करें." मैक्रों ने ट्रंप के सामने कुछ प्रस्ताव रखे. जिसमें उन्होंने कहा कि, 'मैं दावोस के बाद गुरुवार दोपहर पेरिस में जी7 की बैठक आयोजित कर सकता हूं. मैं यूक्रेनियन, डेनिश, सीरियाई और रूसी प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित कर सकता हूं. आइए गुरुवार को पेरिस में साथ में रात्रिभोज करें, इससे पहले कि आप अमेरिका लौटें."

ग्रीनलैंड को पाने के लिए किस हद तक जा सकते हैं ट्रंप?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि, ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए वे किस हद तक जाने को तैयार हैं? तो ट्रंप ने जवाब दिया, "आपको पता चल जाएगा." इस दौरान ट्रंप ने नाटो पर भी जमकर हमला बोला और आरोप लगाया कि वह अमेरिका के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार कर रहा है और वाशिंगटन की मदद करने की उसकी क्षमताओं पर सवाल उठाया.

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मैंने नाटो के लिए सबसे ज्यादा काम किया- ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि, "मैंने नाटो के लिए किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति से कहीं अधिक काम किया है. लेकिन नाटो को भी हमारे साथ निष्पक्ष व्यवहार करना होगा. नाटो को लेकर मेरी सबसे बड़ी चिंता यह है कि हम नाटो के साथ भारी मात्रा में धन खर्च करते हैं, और मुझे पता है कि हम उनकी मदद के लिए आगे आएंगे, लेकिन मुझे वास्तव में संदेह है कि क्या वे हमारी मदद के लिए आगे आएंगे."

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