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File Photo
Middle East Tension: ईरान पर इस्राइल और अमेरिका ने 28 फरवरी को मिलकर हमला बोल दिया था, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. खामेनेई की मौत के पांच दिन बाद अचानक उनके एक्स अकाउंट से एक पोस्ट शेयर हु, जिसमें लिखा गया है कि खोर्रमशहर के पल आने वाले हैं. अब ये सवाल हर किसी के मन में है कि आखिर ये खोर्रमशहर क्या है.
बता दें, खोर्रमशहर ईरान की एक उन्नत बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसका इस्तेमाल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने आज सुबह इस्राइल के खिलाफ किया. ईरानी गार्ड्स ने खोर्रमशहर-4 नाम की भारी मिसाइलें ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-4 के 19वें चरण में तेल अवीव के बीचों-बीच, बेन गुरियन एयरपोर्ट और वहां की इस्राइली एयरफोर्स की 27वीं स्क्वाड्रन बेस पर अटैक किया.
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अब जानें क्या है खोर्रमशहर
खोर्रमशहर-4 ईरान द्वारा विकसित एक शक्तिशाली मिडियम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है. इसे 'खेइबर' (Kheibar) के नाम से भी जाना जाता है. ये ईरान की सबसे उन्नत मिसाइल प्रणालियों में से एक है.
खोर्रमशहर-4 मिसाइल की मुख्य विशेषताएं और क्षमताओं के बारे में जानें….
मारक क्षमता (Range)- इस मिसाइल की रेंज दो हजार किलोमीटर है, जिस वजह से ये मिसाइल पूरे इस्राइल और मझ्य पूर्व स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक पहुंचने में कारगर है.
वॉरहेड- ये करीब 1,500 किलो वजन का भारी पेलोड ले जाने में सक्षम है. जो इसे सबसे अधिक विनाशकारी बनाता है.
ये मिसाइल वायुमंडल के बाहर मैक-16 (साउंड की स्पीड से 16 गुना अधिक) और वायुमंडल के अंदर मैक-8 की हाइपरसोनिक स्पीड से पहुंच सकती है.
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तकनीक और डिजाइन
मिसाइल में तरल ईंधन का उपयोग किया जाता है और खास बात है कि इसमें लंबे वक्त तक ईंधन भरकर रखा जा सकता है. जिससे इसको जल्द से जल्द लॉन्च करना आसान हो जाता है.
इसकी मिसाइल की लंबाई करीब 13 मीटर और व्यास 1.5 मीटर है.
इस मिसाइल का रडार चकमा देने की क्षमता और उन्नत मार्गदर्शन प्रणालियां यानी गाइडेंस सिस्टम शामिल है.
मार्च 2026 की हालिया रिपोर्टों की मानें तो ईरान ने इसे अपनी मिसाइल सिटी में तैनात किया है. उन्होंने दावा किया है कि इसका इस्तेमाल इस्राइल के बेन गुरियन हवाईअड्डे जैसे टार्गेट के खिलाफ इस्तेमाल किया गया है.
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युद्ध की लपटें लेबनान तक पहुंची
बता दें, इस्राइल और अमेरिका ने मिलकर संयुक्त रूप से 28 फरवरी को ईरान पर अटैक कर दिया था. इस जॉइंट अटैक में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई थी. अमेरिका और इस्राइल के इस हमले का ईरान ने भी भरपूर जवाब दिया है. ईरान ने कई अरब देशों में स्थित अमेरिका के मिलिट्री बेसों को निशाना बनाया. ईरान ने इस्राइली एसेट्स को भी निशाना बनाया. ईरान ने मिसाइल और ड्रोन मिसाइल हमलों की झड़ी लगा दी है. इधर इस्राइल तेहरान के साथ-साथ हिजबुल्ला को भी निशाना बना रहा है. इस वजह से लेबनान तक युद्ध की लपटें पहुंच चुकी हैं.
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