'समझौता नहीं किया तो भुगतना पड़ेगा अंजाम', जिनेवा में आज होने वाली परमाणु वार्ता से पहले ट्रंप की ईरान को चेतावनी

US-Iran Nuclear Deal: अमेरिका और ईरान के बीच आज एक बार फिर से परमाणु वार्ता होनी है. जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे. इस बातचीत से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी है कि अगर समझौता नहीं किया तो उसे इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा.

US-Iran Nuclear Deal: अमेरिका और ईरान के बीच आज एक बार फिर से परमाणु वार्ता होनी है. जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे. इस बातचीत से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को चेतावनी है कि अगर समझौता नहीं किया तो उसे इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा.

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Suhel Khan
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US Iran Nuclear Deal

परमाणु वार्ता से पहले अमेरिका की ईरान को चेतावनी Photograph: (X@WhiteHouse/File)

US-Iran Nuclear Deal: अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी तनाव बना हुआ है. इस बीच आज यानी मंगलवार को दोनों देशों के बीच एक बार फिर से दूसरे दौर की बातचीत होगी. लेकिन इस बातचीत से पहले ही अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने परमाणु समझौता नहीं किया तो उसे इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा. ट्रंप ने ये बात सोमवार को कही.

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आज होगी अमेरिका-ईरान के बीच परमाणु वार्ता

बता दें कि ट्रंप की ये चेतावनी अमेरिका और इस्लामिक गणराज्य ईरान के बीच आज जिनेवा में होने वाली दूसरे दौर की बातचीत से पहले दी गई है. वॉशिंगटन जाते समय एयर फोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप न कहा कि, "मैं इन वार्ताओं में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहूंगा. मुझे नहीं लगता कि वे समझौता न करने के अंजाम भुगतना चाहेंगे."

परमाणु वार्ता को लेकर क्या बोले ट्रंप?

ईरान के साथ परमाणु वार्ता को लेकर ट्रंप ने कहा कि, "मैं अप्रत्यक्ष रूप से उन वार्ताओं में शामिल रहूंगा. यह बहुत महत्वपूर्ण होगा." उन्होंने कहा कि, "ईरान एक कठिन वार्ताकार है, लेकिन मैं कहूंगा कि वे बुरे वार्ताकार हैं, क्योंकि हम उनकी परमाणु क्षमता को खत्म करने के लिए बी-2 (बी-2 बॉम्बर) भेजने के बजाय एक समझौता कर सकते थे."

राष्ट्रपति ट्रंप ने आगे कहा कि, 'मुझे उम्मीद है कि वे अधिक उचित होंगे. वे एक समझौता करना चाहते हैं. हमारे पास मिडिल ईस्ट में शांति है. आप यहां और वहां कुछ लपटें देखेंगे, लेकिन हमारे पास अनिवार्य रूप से मिडिल ईस्ट में शांति है.' उन्होंने कहा कि, "ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि हमने परमाणु क्षमता पर बी-2 हमला किया. अगर ऐसा नहीं होता तो उनके पास एक महीने के भीतर परमाणु हथियार होता."

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ओमान की मध्यस्थता में होगा बातचीत

उधर इजरायल की यात्रा पर पहुंचे अमेरिकी सीनेटर ग्राहम ने तेल अवीव में कहा कि, ईरान पर फैसला महीनों में नहीं बल्कि हफ्तों में होगा. यानी ग्राहम जल्द से जल्द ईरान के साथ इस समझौते को पूरा करना चाहते हैं. बता दें कि आज होना वाली दोनों देशों की बातचीत ओमान की मध्यस्थता में होगी. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और जेरेड कुशनर बैठकों में भाग लेंगे. वार्ता के लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची जिनेवा पहुंचे हैं. जहां उन्होंने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी से मुलाकात की.

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Donald Trump Us Iran Tension
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