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वायरल वीडियो Photograph: (instagram)
बेंगलुरु में एक कैफे के बाहर लगे एक साइनबोर्ड को लेकर भाषाई विवाद गरमा गया है. विद्यारण्यपुरा स्थित “श्री गुरु दर्शन कैफे” के बाहर एक डिजिटल डिस्प्ले पर “हिंदी इज ऑफिशियल लैंग्वेज” (हिंदी आधिकारिक भाषा है) लिखा हुआ नजर आया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसको लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब किसी व्यक्ति ने इस साइनबोर्ड का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया. देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया और कई नेटिज़न्स ने इसे भड़काऊ करार दिया. आरोप लगाया जा रहा है कि कर्नाटक में जहां कन्नड़ राज्य की आधिकारिक भाषा है, वहां इस तरह का बोर्ड लगाना स्थानीय लोगों की भावनाओं को आहत कर सकता है.
कुछ यूजर्स ने इसे हिंदी थोपने का प्रयास बताया, जबकि अन्य ने कहा कि भारत में हर किसी को अपनी पसंद की भाषा बोलने और इस्तेमाल करने का अधिकार है.
कर्नाटक में हिंदी का विरोध क्यों?
यह कोई पहली बार नहीं है जब कर्नाटक में हिंदी भाषा को लेकर विवाद हुआ हो. इससे पहले भी मेट्रो स्टेशनों, सरकारी दफ्तरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर हिंदी भाषा के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जताई गई है. राज्य के कई संगठनों और स्थानीय लोगों का मानना है कि कर्नाटक में प्राथमिकता कन्नड़ भाषा को दी जानी चाहिए, और हिंदी को अनिवार्य रूप से थोपने का प्रयास नहीं किया जाना चाहिए.
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क्या हो सकता है आगे?
बेंगलुरु में पहले भी हिंदी बनाम कन्नड़ भाषा को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं. ऐसे में इस नए विवाद के चलते एक बार फिर भाषाई पहचान पर बहस तेज हो गई है. फिलहाल, स्थानीय प्रशासन या पुलिस की ओर से इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई की खबर नहीं आई है.
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