इस्लाम में महिलाओं को लेकर कई मुद्दों पर अक्सर बहस होती रहती है. चलिए इस वीडियो रिपोर्ट में जानते हैं विस्तार से जानते हैं इस्लाम के नियमों के बारे में.
Islamic Rules: पूरी दुनिया में इस्लाम में महिलाओं के दर्जे को लेकर अक्सर बहस छिड़ती रहती है. शिक्षा, विरासत, गवाही, हिजाब, तलाक और चार शादियों जैसे मुद्दों पर कई सवाल उठाए जाते हैं. आइए इन विषयों पर विस्तार से यह समझाने की कोशिश करते हैं कि इस्लाम के मूल सिद्धांत क्या कहते हैं और समाज में प्रचलित धारणाएं कितनी सही हैं.
इस्लाम में शिक्षा का अधिकार किसे-किसे?
इस्लाम में शिक्षा पुरुष और महिला दोनों के लिए अनिवार्य मानी गई है. महिलाओं को संपत्ति रखने, व्यापार करने और विरासत में हिस्सा पाने का अधिकार 1400 साल पहले ही दिया गया था. वहीं, गवाही के मामले में दो महिलाओं की बराबरी एक पुरुष से किए जाने की बात को सिर्फ आर्थिक लेन-देन से जुड़ा बताया गया, न कि सामान्य मामलों से.
तलाक और हलाला को लेकर भी कई गलतफहमियों पर बहस होती है. इस्लाम में तलाक एक प्रक्रिया है, जबकि 'हलाला' जैसी प्रथा इस्लाम का मूल हिस्सा नहीं है. चार शादियों को भी अनिवार्य नहीं बल्कि विशेष परिस्थितियों में विकल्प बताया गया है.
पूरी बात वीडियो रिपोर्ट में जानिए
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