पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही बारिश से रावी दरिया उफान पर आ गया है. दरिया का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण पंजाब के अमृतसर में कई गांव पानी में डूब चुके हैं. गांवों की गलियों और खेतों में 5 से 7 फीट तक पानी भर गया है. इस वजह से लोग जान जोखिम में डालकर एक-दूसरे का हाथ पकड़कर और लकड़ी का सहारा लेकर सुरक्षित जगहों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं.
तस्वीरों में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे अपने परिवार के साथ पानी से निकल रहे हैं. कई लोग अपने घरों की छतों पर खड़े होकर मदद के लिए आवाज लगा रहे हैं. बताया जा रहा है कि 30 से 40 गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं.
पीड़ितों ने बयां किया अपना दर्द
स्थानीय निवासी अरजी सिंह ने बताया कि उनके गांव कल्लूमार्ग में करीब 3 फीट पानी भर चुका है और हालात लगातार बिगड़ रहे हैं. पशुओं का भी बुरा हाल है क्योंकि चारे का कोई इंतजाम नहीं हो पा रहा. उन्होंने बताया कि कम से कम 20 गांवों का संपर्क टूट चुका है और लोग छतों से बचाव की गुहार लगा रहे हैं.
एक अन्य ग्रामीण बलविंदर सिंह ने कहा कि हालात 1988 की बाढ़ जैसे हो गए हैं. उस समय पंजाब में बड़े स्तर पर तबाही हुई थी और अब भी वैसा ही नजारा दिखाई दे रहा है. उन्होंने बताया कि आसपास के लोग खुद भी एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं और सुरक्षित जगहों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.
हालांकि एनडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं. लेकिन पानी के बढ़ते स्तर की वजह से हालात काफी खतरनाक बने हुए हैं. ग्रामीणों की मांग है कि और टीमें तुरंत गांवों तक पहुंचें, ताकि छतों और पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.
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