बिहार की राजनीति इन दिनों वोट अधिकार यात्रा को लेकर गरमाई हुई है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव इस यात्रा को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं. यात्रा सासाराम से शुरू होकर पूर्णिया और मोतिहारी होते हुए अब महात्मा गांधी के पहले सत्याग्रह की धरती चंपारण पहुंच चुकी है.
हमारे वरिष्ठ संवाददाता मोहित राज दुबे ने पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से खास बातचीत की. आप भी देखिए उनका ये EXCLUSIVE इंटरव्यू…
लोगों का गुस्सा और समर्थन
तेजस्वी यादव का कहना है कि इस यात्रा को जनता का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है. उन्होंने बताया कि "लोगों में भाजपा और सरकार के खिलाफ गुस्सा है. बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग- हर वर्ग के लोग सड़कों पर उतरकर इस यात्रा का हिस्सा बन रहे हैं. यह ऐतिहासिक समर्थन है, जो साबित करता है कि लोग लोकतंत्र बचाने के लिए साथ खड़े हैं."
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बैठे चुनाव आयोग के अधिकारियों को असली जमीनी हकीकत नहीं दिख रही. "बिहार लोकतंत्र की जननी है, लेकिन यहां लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास हो रहा है. हजारों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं."
वोटर लिस्ट से नाम काटने का मुद्दा
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के कई गांवों में 55 से 65 लोगों तक के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं. इसमें खासकर यादव परिवार, अल्पसंख्यक और दलित समाज के लोग प्रभावित हैं. उन्होंने कहा, "हम इस यात्रा के जरिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं. हम चाहते हैं कि हर नागरिक अपने वोट का हक बचाए और मजबूती से लोकतंत्र की रक्षा करे."
उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि जिनका नाम वोटर लिस्ट से हटाया गया है, उन्हें तुरंत जोड़वाने की कोशिश करें.
पीएम मोदी पर हमला
गया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए गए बयान पर भी तेजस्वी यादव ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, "मोदी जी कहते हैं कि एसआईआर घुसपैठियों को निकालने की प्रक्रिया है, लेकिन चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा है कि ऐसा कोई मामला नहीं है. जब चुनाव आयोग को कुछ नहीं दिखा तो मोदी जी को कहां से दिखा?" तेजस्वी ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति कर रही है.
संविधान संशोधन बिल पर दी प्रतिक्रिया
संसद में हाल ही में पेश संविधान संशोधन बिल पर भी तेजस्वी यादव ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह बिल विपक्ष के नेताओं को डराने और ब्लैकमेल करने के लिए लाया गया है. "पीएम कह रहे हैं कि बेल पर चल रहे नेताओं को इसका डर है, लेकिन सच्चाई यह है कि यह कानून राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जाएगा."
लोकतंत्र बचाने की जंग
तेजस्वी यादव ने अंत में कहा कि यह यात्रा सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है बल्कि लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है. "अगर लोकतंत्र खत्म हो गया तो देश की खूबसूरती भी खत्म हो जाएगी. यह लड़ाई संविधान विरोधी ताकतों के खिलाफ है."
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