पतंजलि योगपीठ का 32वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ, बाबा रामदेव-आचार्य बालकृष्ण ने लिया संकल्प

पतंजलि योगपीठ के 32वें स्थापना दिवस पर स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग, आयुर्वेद, सनातन शिक्षा और स्वदेशी के माध्यम से विश्व नेतृत्व का आह्वान किया.

पतंजलि योगपीठ के 32वें स्थापना दिवस पर स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने योग, आयुर्वेद, सनातन शिक्षा और स्वदेशी के माध्यम से विश्व नेतृत्व का आह्वान किया.

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Namrata Mohanty
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05 जनवरी, 2026 को  हरिद्वार में पतंजलि के 32वें स्थापना दिवस पर पतंजलि योगपीठ के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रामदेव व महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, सनातन धर्म, सनातन शिक्षा, सनातन चिकित्सा, सनातन अनुसंधान, सनातन कृषि, गौमाता एवं भारत माता की सेवा करते हुए परम वैभवशाली विकसित भारत के निर्माण हेतु समस्त ऋषि-ऋषिकाओं के वंशधरों से आह्वान किया. 

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'आयुर्वेद व नेचुरोपैथी विश्व चिकित्सा पद्धति बनेंगी' स्वामी रामदेव

इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि पतंजलि विश्व का सबसे पावन संस्थान है, जो मानवता के लिए शुभ बन गया है. उन्होंने कहा कि पतंजलि की आत्मा सनातन की आत्मा है. उन्होंने पतंजलि के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से आह्वान किया किया कि योग, आयुर्वेद, स्वदेशी, सनातन धर्म, सनातन शिक्षा, सनातन चिकित्सा, सनातन कृषि व्यवस्था व सनातन जीवन पद्धति को जीवन में गौरव दें और इसके द्वारा अपने भीतर असीम ज्ञान, अनंत-असीम भक्ति, अनंत-असीम प्रचंड सामर्थ्य को जागृत करें.

सदा यह स्मरण रखें कि हम ऋषि-ऋषिकाओं के वंशधर हैं. हमारे जीवन से ऋषियों का ऋषित्व, देवों का देवत्व, ब्रह्म का ब्रह्मत्व, राम का रामत्व, भगवान कृष्ण का कृष्णत्व, हनुमान का हनुमत तत्व, शिवत्व वेद तत्व अभिव्यक्त हो. 

स्वामी जी ने कहा कि जिस दिन पतंजलि गुरुकुलम्, आचार्यकुलम्, विश्वविद्यालय और भारतीय शिक्षा बोर्ड की फसल पूरी तैयार हो जाएगी उस दिन हमारा रुपया डॉलर, पौंड, यूरो से ऊपर आ जाएगा. हमारी करेंसी की वैल्यू भारतीय जीवन पद्धति व भारतीय मानदंडों की वैल्यू, भारतीय संस्कृति-पर्व की वैल्यू और भारतीय पासपोर्ट की वैल्यू पूरी दुनिया में बढ़ जाएगी. दुनिया के 200 देश हमसे वीजा नहीं मांगेंगे. 

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80-90% विश्व आबादी अपनाएगी सनातन जीवन मूल्य

उन्होंने कहा कि सनातन जीवन मूल्यों में श्रद्धा रखने वाले पूरी दुनिया के 200-250 करोड़ से ज्यादा लोग तैयार हो रहे हैं और धीरे-धीरे पूरी दुनिया के 80-90% लोग सनातन को फॉलो करेंगे. हम सबको मिलकर भारत को ऐसा परम वैभवशाली देश के बनाना है. यह बनेगा शौर्य से, वीरता से, पराक्रम से. रामदेव ने कहा कि भारत को परम वैभवशाली बनाने से पाकिस्तान और बांग्लादेश थर-थर कांप उठेंगे. उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा वैनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी को गैर-लोकतांत्रिक बताया.

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'पतंजलि के कारण FMCG कंपनियों को मजबूरन बेतहाशा मूल्य वृद्धि रोकनी पड़ी' आचार्य बालकृष्ण

स्वामी जी ने कहा कि अभी हमारे बच्चे शिक्षा प्राप्त करने के लिए अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया तथा रशिया आदि देशों में जाते हैं. पतंजलि गुरुकुलम् भी आज पूरी दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन गया है. हमारा लक्ष्य है कि पूरी दुनिया के लगभग 200 देशों से कम से कम 15-20 हजार बच्चे पतंजलि गुरुकुलम्, आचार्यकुलम् और पतंजलि विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए आएं है. 

सनातन जीवन पद्धति ही विश्व जीवन पद्धति बनेगी

शैक्षणिक सेवाओं के दूसरे चरण में एजुकेशन की सभी ब्रांच पतंजलि ग्लोबल गुरुकुलम् व पतंजलि ग्लोबल यूनिवर्सिटी में स्थापित होंगी. स्वामी जी ने कहा कि सनातन धर्म ही ग्लोबल स्प्रीचुअल प्रेक्टिस बनेगी. सनातन जीवन पद्धति ही विश्व जीवन पद्धति बनेगी, भारतीय शिक्षा बोर्ड विश्व को नई शिक्षा देने वाला बोर्ड बनेगा और योग, आयुर्वेद व नेचुरोपैथी विश्व चिकित्सा पद्धति बनेंगी. यह बहुत जल्द होने वाला है क्योंकि यह युग की मांग है. 

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स्वामी रामदेव के संकल्प का हिस्सा बनना मेरा सौभाग्य

इस कार्यक्रम में आचार्य बालकृष्ण ने ट्रस्ट की स्थापना से लेकर, विभिन्न चुनौतियों, सघंर्षों, झंझावातों से लड़ते हुए सेवा कार्यों के संचालन तक पतंजलि की यात्रा के बारे में विस्तार से बताया. आचार्य जी ने स्वामी रामदेव जी के अखंड-प्रचंड पुरुषार्थ का जिक्र करते हुए कहा कि इस विशाल सेवा संकल्प के पीछे स्वामी रामदेव की ही दृष्टि थी. उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मैं इस यात्रा का सहभागी रहा. 

'पतंजलि की सेवा यात्रा संघर्षकारी रही, उतार-चढ़ाव, संघर्षों के बीच यात्रा आगे बढ़ती रही' आचार्य बालकृष्ण 

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि हमारी यह सेवा यात्रा संघर्षकारी रही, खूब उतार-चढ़ाव आये, बड़ा संघर्ष करना पड़ा, लेकिन यात्रा आगे बढ़ती रही. इस यात्रा में हमें विघ्न डालने वालों से अधिक सहयोग करने वाली शक्तियां मिलीं. बीते तीस सालों में पतंजलि का शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, अनुसंधान आदि क्षेत्रों में प्रगति आसान नहीं था. उन्होंने कहा कि पतंजलि के कारण एफएमसीजी कंपनियों को मजबूरन बेतहाशा मूल्य वृद्धि रोकनी पड़ी. उन्होंने बताया कि बिना सरकारी सहयोग के पतंजलि में देश में कई ऐतिहासिक कार्य किया. 

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पतंजलि ने 19 राज्यों में चलाया फार्मर ट्रेनिंग प्रोग्राम

कृषि के क्षेत्र में पतंजलि के सेवा कार्यों को बताते हुए उन्होंने कहा कि 19 राज्यों में सबसे पहले आर्गेनिक फार्मर ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाने वाला पतंजलि ही एकमात्र संस्थान था. देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब 22 समृद्धशाली किसानों का चयन किया तो उनमें पांच किसान पतंजलि की ओर से प्रशिक्षित किए हुए थे. 

पतंजलि को जितना दबाया जाएगा उतना आड़े हाथ लिया जाएगा-आचार्य बालकृष्ण

आचार्य बालकृष्ण ने गाय के घी से लेकर कई चीजों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पतंजलि की मौजूदगी से देश में किस तरह का परिवर्तन आया है. आचार्य बालकृष्ण ने पतंजलि को लेकर भ्रामक और अनर्गल बोलने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पतंजलि को जितना दबाने का प्रयास किया जाएगा, यह अभियान उतनी ही तीव्र गति और ऊर्जा से आगे बढ़ता रहेगा.

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छात्र-छात्राओं ने दिखाएं कौशल

पतंजलि के शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने योग, मलखम्भ, कुश्ती, मार्शल आर्ट्स, बोक्सिंग, जूडो-कराटे आदि की सुन्दर प्रस्तुति दी. इस दौरान संगठन स्तर पर सेवाभावी व्यक्तियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई.

शामिल हुए ये लोग

पतंजलि के इस कार्यक्रम में विभिन्न ईकाइयों के ईकाई प्रमुख, अधिकारिगण, पतंजलि के विभिन्न संगठनों के योगी योद्धा, संन्यासीगण व साध्वी बहनें, कर्मयोगी, पतंजलि शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थिगण व शिक्षकगण शामिल हुए थे.

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Patanjali BABA RAMDEV Acharya BalaKrishna
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