News Nation Logo
Agnipath Scheme: आज से Air Force में भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे 2002 Gujarat Riots: जाकिया जाफरी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज Agnipath Scheme: एयरफोर्स के लिए अग्निवीरों का रजिस्ट्रेशन आज से शुरू, ऐसे करें आवेदनRead More » राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा 27 जून को राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नामा Coronavirus: भारत में 17000 से ज्यादा केस, 5 माह में सबसे ज्यादा मामलेRead More » यशवंत सिन्हा को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का 'जेड (Z)' श्रेणी का सशस्त्र सुरक्षा कवच प्रदान किया NCP प्रमुख शरद पवार से मिलने मुंबई के लिए शिवसेना नेता संजय राउत वाई.बी. चव्हाण सेंटर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी जांच के खिलाफ जाकिया जाफरी की याचिका की खारिजRead More » महाराष्ट्र सियासी संकट पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को करेगा सुनवाई

एमएसएमई से रोजगार देने में यूपी देश का पांचवां राज्य बना

एमएसएमई के जरिये रोजगार सृजन के मामले में राजस्थान, कर्नाटक, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्य यूपी से पीछे हैं . आरबीआई ने कोरोना के संकट काल में योगी सरकार द्वारा रोजगार सृजन के आंकड़ों को अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है.

IANS | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 04 Nov 2020, 11:59:17 AM
MSME

एमएसएमई से रोजगार देने में यूपी देश का पांचवां राज्य बना (Photo Credit: IANS)

लखनऊ:  

कोरोना संकट ने राज्यों के रोजगार प्रबंधन, वित्तीय क्षमताओं को परखा है. लॉकडाउन होने पर लाखों मजूदरों को रोजगार देने में राज्यों ने अपने स्तर पर प्रयास किए हैं. उन प्रयासों के परिणाम के आधार पर भारतीय रिजर्व बैंक ने जो रैंक दी है उसके मुताबिक, यूपी ने 5 वें स्थान पर जगह बनाई है. सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के जरिए रोजगार देने में प्रदेश पांचवे स्थान पर रहा है. आरबीआई ने देश के सभी राज्यों का आकलन कर एमएसएमई सेक्टर में रोजगार की रिपोर्ट तैयार की है.

यह भी पढ़ें : मुंबई में 26 दिसंबर को हो सकता है बड़ा आतंकवादी हमला, अलर्ट जारी

एमएसएमई के जरिये रोजगार सृजन के मामले में राजस्थान, कर्नाटक, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्य यूपी से पीछे हैं . आरबीआई ने कोरोना के संकट काल में योगी सरकार द्वारा रोजगार सृजन के आंकड़ों को अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है. रिजर्व बैंक की रैंकिंग में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात और मध्यप्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश है. कोरोना की विपरीत परिस्थितियों में दूसरे राज्यों में फंसे 40 लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को वापस लाने का बड़ा फैसला लेने के साथ ही योगी सरकर ने उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने की चुनौती भी पूरी की.

यह भी पढ़ें : दिल्ली में कोरोना विस्फोट, 10 दिन में 50 हजार नए मरीज

योगी सरकार ने 20 लाख से ज्यादा मजदूरों की स्किल मैपिंग करा कर उन्हें सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के जरिये अलग अलग क्षेत्रों में रोजगार से जोड़ा. राज्य सरकार ने फिक्की और आइआईए के साथ 6 लाख मजदूरों को रोजगार से जोड़ने का एमओयू साइन किया तो नार्डको और लघु उद्योग भारती जैसे संस्थानों के साथ 5 लाख रोजगार सृजन का एमओयू कर कुल 11 लाख लोगों को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ने का कामकिया.

यह भी पढ़ें : दीपावली में चीन की अस्थमा फैलाने की साजिश का जानें सच

प्रदेश में एमएसएमई की 90 लाख इकाइयां संचालित हैं, जो कि देश में एक रिकार्ड है. कोरोना और लॉकडाउन के दौर में योगी सरकार की 'एक जनपद एक उत्पाद योजना' (ओडीओपी) रोजगार के मामले में गेम चेंजर साबित हुई. एमएसएमई के अंतर्गत शुरू की गई इस योजना के जरिये राज्य सरकार ने स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के साथ ही व्यापार से भी जोड़ा. ओडीओपी के तहत हर जिले के एक उत्पाद को ब्रांड बना कर राज्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मार्केटिंग की.

यह भी पढ़ें : बाथरूम में लगा था फ्रांस की रानी का आईना, जब परिवार को पता चला तो उड़े होश

अमेजॉन और फ्लिप्कार्ट जैसी कंपनियों के साथ सरकार के ऑनलाइन व्यापार के एमओयू ने योजना को गति दे दी. बड़े जिलों के साथ जौनपुर, एटा, पीलीभीत, मिजार्पुर और प्रतापगढ़ जैसे छोटे जिले भी ओडीओपी योजना के साथ रोजगार के केंद्र बन गए. अपर मुख्य सचिव एमएसएमई डा. नवनीत सहगल ने कहा कि योगी सरकार की मंशा है कि सभी गरीबों को रोजगार मिले. इस उपलब्धि में ओडीओपी ने बड़ी भूमिका निभाई है.

 

First Published : 04 Nov 2020, 11:23:35 AM

For all the Latest States News, Uttar Pradesh News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.