News Nation Logo

PM मोदी देश में लेकर आए कोरोना... फिर लगाया लॉकडाउन, जानें किसने कहा?

शिवपाल यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोला हैं. उन्होंने सरकार के झूठे वादें करने का आरोप लगाया. शिवपाल ने कहा कि बीजेपी ने अच्छे दिन के वादे किए थे, लेकिन आज किसान सड़कों पर है, कौन से अच्छे दिन. 

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 03 Jan 2021, 05:59:54 PM
Shivpal Yadav

शिवपाल यादव का केंद्र पर हमला (Photo Credit: न्यूज नेशन)

लखनऊ:

देश में कोरोना वैक्सीन को लेकर सियासत जारी है. इसकी शुरुआत समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने की, तो सपाईयों ने भी खुलकर वैक्सीन का विरोध किया. वहीं, अखिलेश यादव ने कोरोना वैक्सीन को बीजेपी का बताया था और लगवाने से इनकार कर दिया था. सियासत का कमाल तो देखिए, भतीजा वैक्सीन बीजेपी का बता रहा हैं, तो चाचा शिवपाल यादव ने अपनी खोई राजनीति चमकाने में हद ही कर दी. शिवपाल यादव ने तो देश में फैले कोरोना वायरस संक्रमण का जिम्मेदार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ठहरा दिया. 

यह भी पढ़ें : कोरोना वैक्सीन पर बदल गए अखिलेश के सुर, चौतरफा घिरने के बाद डैमेज कंट्रोल की कोशिश

दरअसल, शिवपाल यादव ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला और कहा, देश में लॉकडाउन अचानक लगाकर बहुत गलत किया. जब कोरोना मरीज कम थे, तब लॉकडाउन लगाया. जब मरीज ज्यादा तो लॉकडाउन हटा दिया. देश में कोरोना को पीएम मोदी ही लेकर आए हैं. शिवपाल यादव ने कहा, लॉकडाउन लगाकर देशवासियों के साथ अन्याय किया. कोई बताए फैक्ट्री में काम करने वाली कोई मजदूर को कोरोना हुआ हो. कोरोना को रोकना था तो विदेश से जो लोग आ रहे थे, उन्हें रोकना चाहिए था. फ्लाइट को बंद करनी चाहिए थी. 

यह भी पढ़ें : कोरोना का टीका लगवाने के लिए इस ऐप पर करना होगा रजिस्टर, यह है पूरा प्रोसेस

शिवपाल यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह जनता से झूठे वादें करके सरकार में आई है. उन्होंने कहा कि कहां है अच्छे दिन, क्या यही अच्छे दिन है कि आज किसान सड़कों पर हैं, कौन से अच्छे दिन. क्या जरुरत थी. इस तरह के कानून की. उन्होंन कहा कि सरकार ने जीएसटी लगाकर व्यपारियों को संकट में डाल दिया. उनका उत्पीड़न कर रहे है. व्यापरियों को खुला रखा जाय. नेता जी (मुलायम सिंह यादव) व्यापरियों के लिए चुंकी सबसे पहले माफ किया था. फिर इंस्पेटक्टर राज को खत्म किया था. सेल टैक्स में व्यापारियों का उत्पीड़न न हो, सीधा उसका काम हो जाए, तो कोई दिक्कत नहीं होगी. व्यापारी को सरकारी कर 2 हजार देना पड़ता है, और काम करने के लिए रिश्वत 2 लाख देनी पड़ती है.

 

First Published : 03 Jan 2021, 05:35:11 PM

For all the Latest States News, Uttar Pradesh News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.