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योगी की बढ़ रही है डिमांड, अब हैदराबाद में AIMIM के गढ़ में सेंध लगाएंगे

1 दिसंबर को होने वाले ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम का चुनाव भाजपा के लिए एक प्रतिष्ठा का सवाल है और ये इस बात से पता चलता है कि यहां भाजपा के कई स्टार प्रचारक मैदान में उतर रहे हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 26 Nov 2020, 03:28:40 PM
Yogi Adityanath

हैदराबाद नगर निगम चुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बना बीजेपी के लिए. (Photo Credit: न्यूज नेशन.)

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 28 नवंबर को ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) के 150 वार्डों के लिए होने वाले चुनावों में प्रचार करेंगे. भाजपा हैदराबाद में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही है और योगी आदित्यनाथ ओल्ड सिटी के गोलकोंडा क्षेत्र से अपना प्रचार अभियान शुरू करेंगे. इस देख कर एक बात निश्चित तौर पर कही जा सकती है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीजेपी के फायर ब्रांड नेताओं में शुमार हो चुके हैं, जिन्हें भाजपा विपक्ष पर आक्रामक हमले के लिए इस्तेमाल कर रही है. गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद योगी की मांग पश्चिम बंगाल के चुनाव में भी है. इस बाबत बीजेपी की ओर से भेजे गए पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट में भी कही है. 

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बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना नगर निगम चुनाव
हालांकि निगम चुनाव आमतौर पर एक स्थानीय मामला होता है लेकिन भाजपा हैदराबाद में अपने स्टार प्रचारकों को मैदान में उतार रही है. इसमें केंद्रीय मंत्री अमित शाह, स्मृति ईरानी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हैं. योगी आदित्यनाथ हाल के दिनों में पार्टी के सबसे बड़े भीड़ खींचने वाले नेताओं में से एक के रूप में उभरे हैं, जिसका सबसे अच्छा उदाहरण हाल में संपन्न हुए बिहार विधानसभा का चुनाव है. 1 दिसंबर को होने वाले ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम का चुनाव भाजपा के लिए एक प्रतिष्ठा का सवाल है और ये इस बात से पता चलता है कि यहां भाजपा के कई स्टार प्रचारक मैदान में उतर रहे हैं जो कि अकसर स्थानीय चुनाव में देख्रने को नहीं मिलता है.

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बंगाल भेजे गए पर्यवेक्षकों ने भी दी रिपोर्ट
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में जनता और बीजेपी के कार्यकर्ताओं के मन मे क्या है, इस बात का पता लगाने के लिए बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले हफ्ते बंगाल के पांच सेक्टरों के लिए पांच केंद्रीय पदाधिकारियों की टीम भेजी थी. जो बंगाल के बूथ स्तर से लेकर राज्य के पदाधिकारियों से सीधी बात कर उनका फीडबैक लेकर आई है. भेजे गए ऑब्जर्वरों ने इस दौरान पार्टी के कामकाज से लेकर बीजेपी को चुनाव में क्या करना चाहिए, इस पर फीडबैक लिया. फीडबैक में कई रोचक बात निकलकर सामने आई. कार्यकर्ताओं ने बताया कि बंगाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीनको लेकर उत्साह है. इसलिए ज्यादा से ज्यादा उनके कार्यक्रम लगाए जाएं. इसके अलावा गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम पर जोर दिया जाए.

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बंगाल में भी योगी की मांग
अगर हालिया विधानसभा चुनाव में पीएम मोदी और सीएम योगी के स्ट्राइक रेट की चर्चा की जाए, तो पीएम मोदी ने बिहार में कुल दर्जन भर रैलियां की. कुल 110 सीटों को कवर करने वाली यह इन रैलियों के जरिए मोदी 57 फीसदी स्ट्राइक रेट के साथ सामने आए. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योदी आदित्यनाथ ने बिहार में 16 रैलियां कर 117 सीटों पर बीजेपी का प्रचार करने गए. योगी का स्ट्राइक रेट भी बेहतर रहा. उन्होंने 53.85 फीसदी की सफलता हासिल की. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में नरेंद्र मोदी ने 17वीं लोकसभा चुनाव के लिए 17 रैलियां की और सूबे की 40 लोकसभा सीटों में से भाजपा 18 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. योगी ने लोकसभा चुनाव के दौरान दो बार पश्चिम बंगाल पहुंचे. यहां पर योगी ने 6 रैलियां की जिनमें पुरुलिया, बोनगांव, बहरामपुर ,बारासात, कोलकाता उत्तरी, कोलकाता दक्षिण शामिल हैं. इसमें से दो में जीत मिली.   

First Published : 26 Nov 2020, 03:28:40 PM

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