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AMU में 20 दिनों में Corona से 26 मौतें, ICMR से जीनोम स्टडी की मांग

वीसी तारिक मंसूर ने आईसीएमआर के डीजी को पत्र लिखकर कहा है कि वह जितना जल्द हो सके, यूनिवर्सिटी में इकट्ठा हुए कोविड सैंपल्स की जीनोम स्टडी कराएं

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 10 May 2021, 11:41:18 AM
AMU

एएमयू को शक वायरस में म्यूटेशन से हुआ जानलेवा. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • एएमयू में कोरोना संक्रमण का कहर हुआ भयावह
  • बीते तीन हफ्तों में 16 फैसल्टी समेत 26 मरे
  • आईसीएमआर को पत्र लिख जीनोम स्टडी की मांग

अलीगढ़:

यूं तो समग्र भारत इस समय कोरोना संक्रमण (Corona Epidemic) की भयावहता झेल रहा है. हालांकि उत्तर प्रदेश स्थित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में कोविड से संक्रमित होने के बाद कई वर्तमान और पूर्व शिक्षकों की कुछ ही दिनों में हुई मौतों ने प्रबंधन की पेशानी पर बल ला दिए हैं. दहशत का आलम यह है कि यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तारिक मंसूर ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) को एएमयू में इकट्ठा किए गए कोविड सैंपल्स की तत्काल जांच कराने के लिए चिट्ठी लिखी है. ये सभी सैंपल्स एएणयू में बनी आईसीएमआर से प्रमाणित लैब ने इकट्ठा किए हैं. एएमयू प्रशासन की इच्छा कोविड-19 नमूनों की जीनोम स्टडी कराने की है.

आईसीएमआर को पत्र लिख जीनोम स्टडी की मांग की
वीसी तारिक मंसूर ने आईसीएमआर के डीजी को पत्र लिखकर कहा है कि वह जितना जल्द हो सके, यूनिवर्सिटी में इकट्ठा हुए कोविड सैंपल्स की जीनोम स्टडी कराएं, जिससे यह पता चल सके कि क्या यूनिवर्सिटी में कोविड का नया म्यूटेंट विकसित हुआ है. अलीगढ़ में बीते दिनों कई कर्मचारियों और 16 फैकल्टी मेंबर्स (वर्तमान और रिटायर्ड) की कोरोना से मौत हुई है. यह सभी लोग यूनिवर्सिटी के कैंपस में ही रहते थे. यूनिवर्सिटी के अनुसार सभी सैंपल्स को जांच के लिए दिल्ली में सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ जिनॉमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायॉलजी में भेजा गया है.

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यूनिवर्सिटी को शक मौतों में इजाफा वायरस के नए वर्जन के कारण
एएमयू ने इस बात का शक जताया है कि मौतों के आंकड़ों में इजाफा वायरस के किसी नए वर्जन के कारण हो रहा है. हालांकि आईसीएमआर या सरकार ने अभी इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. गौरतलब है कि शुक्रवार की एक रिपोर्ट के अनुसार, 20 दिनों के अंदर 16 वर्किंग और 10 रिटायर्ड फैकल्टी मेंबर्स को कोरोना ने निगल लिया. कुलपति तारिक मंसूर के बड़े भाई की भी कोरोना वायरस की चपेट में आने से मौत हो गई है. बुधवार को प्रसिद्ध संस्कृत विद्वान और संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. खालिद बिन यूसुफ (56) का निधन हो गया था. वे ऋग्वेद में डॉक्टरेट अर्जित करने वाले पहले मुस्लिम विद्वान थे.

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इन शिक्षकों की गई जानें
अन्य सेवारत संकाय सदस्य, जिन्होंने इस महीने की शुरुआत में कोविड-19 से दम तोड़ा वे वे पोस्ट हार्वेस्ट इंजिनियरिंग विभाग के प्रफेसर मोहम्मद अली खान (60) थे, राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो काजी मोहम्मद जमशेद (55), मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. साजिद अली खान (63), संग्रहालय विभाग के अध्यक्ष मोहम्मद इरफान (62), महिला अध्ययन केंद्र के डॉ. अजीज फैसल (40), इतिहास विभाग के डॉ. जिबरईल (51), अंग्रेजी विभाग के डॉ। मोहम्मद यूसुफ अंसारी (46), उर्दू विभाग के डॉ. मोहम्मद फुरकान संभली (43) और जूलॉजी विभाग के प्रफेसर सैयद इरफान अहमद (62) शामिल हैं.

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First Published : 10 May 2021, 11:38:17 AM

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