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madhya pradesh news Photograph: (SORA)
Garbh Sanskar Rooms: गर्भ संस्कार एक प्राचीन भारतीय पद्यति है, जिसका अर्थ होता है- गर्भ में पल रहे शिशु के शारीरिक, मानसिक और संस्कारिक विकास की सकारात्मक प्रक्रिया. गर्भ यानी गर्भस्थ शिशु और संस्कार यानी अच्छे विचार, आदतें और मूल्य. सरल शब्दों में समझा जाए तो गर्भ संस्कार वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से गर्भावस्था के दौरान मां के खान-पान, विचार, व्यवहार, संगीत, योग और मानसिक स्थिति के जरिए बच्चे के विकास को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है.
महाभारत के महानायक अर्जुन और सुभद्रा के पुत्र अभिमन्यु ने मां के गर्भ से ही चक्रव्यू को भेदना सीख लिया था. यह कुछ ऐसा ही प्रयोग है, जो मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार द्वारा अपनाया जा रहा है. इसके तहत बच्चा मां के गर्भ में ही अच्छा इंसान बनना सीखेगा.
मोहन यादव सरकार की अनूठी पहल
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को घोषणा की है कि राज्य में हर बच्चे को गर्भ संस्कार की शिक्षा दी जाएगी. इसके तहत सरकारी स्कूलों में इसका कोर्स शुरू होगा और सरकारी अस्पतालों में ऐसे कक्ष बनाए जाएंगे, जहां गर्भवती माताएं गर्भ संस्कार का ज्ञान प्राप्त करेंगी. इसके लिए गर्भ संस्कार कक्ष बनवाए जाएंगे.
क्यो होता है गर्भ संस्कार?
गर्भ संस्कार का शाब्दिक अर्थ होता है- गर्भ में अच्छे संस्कार डालना. इसका उद्देश्य किसी धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं होता है बल्कि इसे मां और बच्चे दोनों के मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है. आजकल गर्भवती महिलाएं योग और काउंसलिंग के लिए जाती है, जो ऐसी ही एक प्रक्रिया होती है. हालांकि, यह आज के जमाने का तरीका है जबकि भारत के इतिहास में सालों से इसे अपनाया जा रहा है. कहते हैं कि मां गर्भावस्था के दौरान जैसी आदतों की सीखती है या जो देखती है. वही गर्भ में पल रहे बच्चे को भी पोषित करता है.
क्या है गर्भ संस्कार का उद्देश्य?
गर्भ संस्कार का मुख्य उद्देश्य होता है कि गर्भ में पल रहा शिशु केवल मां के शरीर से ही नहीं बल्कि उसकी भावनाओं, तनाव, खुशी और वातावरण से भी प्रभावित हो सके. वैज्ञानिक भी यह मानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान मां की मानसिक स्थिति बच्चे के मस्तिष्क और व्यवहार पर असर डालती है. इसलिए, गर्भ संस्कार के जरिए मध्य प्रदेश सरकार आने वाली पीढ़ी को योग्य और समझदार बना रही है.
गर्भ संस्कार में महिलाओं को क्या-क्या सिखाया जाएगा?
हालांकि, गर्भ संस्कार में कई चीजें शामिल होती है, जिनमें से कुछ इस प्रकार हो सकती हैं. जैसे-
- योग और प्राणायाम.
- ध्यान और मंत्र-जाप.
- सकारात्मक सोच और तनाव प्रबंधन करना.
- संतुलित आहार का सेवन करना.
- शिशु से संवाद, टॉकिंग टू बेबी भी गर्भ संस्कार प्रक्रिया में शामिल है. इसमें मां अच्छे विचारों और गुणों को बच्चे को बोलते हुए सुनाती है ताकि वह गर्भ में उसे सुनकर अपनी प्रतिक्रिया कर सके.
क्या है गर्भ संस्कार का महत्व?
CM मोहन यादव ने बताया 'एलोपैथी के विशेषज्ञ भी अब गर्भ संस्कार का महत्व स्वीकार कर रहे हैं. उन्होंने कहा मेरी बेटी खुद स्त्री रोग विशेषज्ञ है और वह भी अपने अस्पताल में गर्भ संस्कार कराती है.' राज्य गर्भ संस्कार की प्रक्रिया को संस्थागत रूप में आगे बढ़ा रही है. सरकार जल्द ही इसके लिए अधिसूचना जारी करेगी.
मध्य प्रदेश में ही क्यों किया जा रहा है?
हालांकि, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है. मगर माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की संख्या अधिक है, जहां गर्भावस्था के दौरान जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में कमी देखी जाती है. ऐसे में सरकार के इस कदम को जनस्वास्थ्य का सुधार, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के संयोजन की दिशा में किया गया एक महत्वपूर्ण प्रयास मान रही है.
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