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Jharkhand: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार (26 फरवरी) को द्वितीय पाली में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के 4884.20 करोड़ रुपये के बजट पर चर्चा हुई. हटिया से भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने इस पर कटौती प्रस्ताव लाया, लेकिन चर्चा के बाद सदन ने बजट को पारित कर दिया. विभागीय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने घोषणा की कि राज्य सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में एक कोल्ड स्टोरेज खोलेगी, ताकि किसान अपनी उपज को सुरक्षित रख सकें और उन्हें उचित दाम मिल सके. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है और सरकार तीन नई योजनाएं शुरू करेगी.
शुरू की जाएगी महिला किसान खुशहाली योजना
राज्य योजना के तहत ‘महिला किसान खुशहाली योजना’ शुरू की जाएगी. इसका उद्देश्य महिला किसानों की आय बढ़ाना, उत्पादन क्षमता मजबूत करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है. साथ ही केंद्र की योजनाओं के तहत दलहन मिशन और मखाना विकास योजना लागू की जाएगी, जिससे दलहन उत्पादन बढ़ेगा, पोषण सुरक्षा मजबूत होगी और मखाना जैसी नकदी फसलों को बढ़ावा मिलेगा.
पक्ष-विपक्ष ने रखी अपनी बात
मंत्री ने कहा कि सरकार के पास अभी चार साल हैं और सभी वादे पूरे किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि पिछले बजट का 65 प्रतिशत खर्च हो चुका है और 31 मार्च तक 80-90 प्रतिशत राशि खर्च करने का लक्ष्य है. उन्होंने केंद्र सरकार पर गैर-भाजपा शासित राज्यों की एमएसपी अनुशंसा को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया.
वहीं भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने सवाल उठाया कि जब पिछले वर्ष की आधी राशि सरेंडर हो गई तो भारी बजट की जरूरत क्या है. उन्होंने धान खरीद को लेकर सरकार पर वादा निभाने में विफल रहने का आरोप लगाया. अन्य विधायकों ने भी धान खरीद, बिचौलियों की समस्या, हाथियों से फसल नुकसान और वैल्यू एडिशन की कमी जैसे मुद्दे उठाए. सत्ता पक्ष के विधायकों ने बजट को किसानों के हित में बताया और कहा कि इससे राज्य में कृषि विकास को नई दिशा मिलेगी.
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