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राघव चड्ढा ने हरियाणा सरकार पर लगाया प्रदूषित पानी छोड़ने का आरोप, केंद्र से दखल की अपील

राघव चड्ढ़ा ने एक और वीडियो जारी कर हरियाणा सरकार पर बिना ट्रीट किया गया गंदा पानी छोड़ने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि इस वजह से रोहतक एक्स-रेगुलेटर में प्रदूषण काफी बढ़ गया है.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Chaurasia | Updated on: 08 Jan 2021, 12:34:56 PM
राघव चड्ढा

राघव चड्ढा (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढ़ा ने जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से हरियाणा द्वारा लगातार यमुना में गंदा पानी छोड़ने के मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. राघव चड्ढ़ा ने एक और वीडियो जारी कर हरियाणा सरकार पर बिना ट्रीट किया गया गंदा पानी छोड़ने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि इस वजह से रोहतक एक्स-रेगुलेटर में प्रदूषण काफी बढ़ गया है.

राघव चड्ढा ने कहा, ''दिल्ली जल बोर्ड लगातार सर्वे करता रहता है. रोहतक एक्स-रेगुलेटर के हालिया सर्वे में पता चला कि वहां का पानी न सिर्फ गंदे हरे रंग का हो गया है, बल्कि उसमें अमोनिया भी 40 पीपीएम तक बढ़ गया है. हम केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र शेखावत का ध्यान इस ओर खींचना चाहते हैं. अमोनिया का इतना बढ़ा हुआ स्तर काफी खतरनाक है, जिससे हमें अपने प्लांट भी बंद करने पड़ जाते हैं और इसका असर दिल्ली की पानी सप्लाई पर भी पड़ता है.''

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रोहतक एक्स-रेगुलेटर के साथ-साथ दिल्ली जल बोर्ड की टीम ने बरोटा गांव और प्याऊं मनिहारी गांव का दौरा किया और इन दोनों जगहों पर अमोनिया का स्तर 6 पीपीएम और 3 पीपीएम तक था. डीडी-8 से हरियाणा के द्वारा दिल्ली को पानी सप्लाई किया जाता है. चड्ढ़ा ने कहा कि हमारी हरियाणा सरकार से अपील है कि वे इस मामले में सख्त कदम उठाकर यमुना में बढ़े खतरनाक अमोनिया के स्तर को कम करें.

उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली को अमोनिया फ्री पानी मिलना चाहिए लेकिन हमने अकसर देखा है कि हरियाणा सरकार बिना ट्रीट किया पानी यमुना में छोड़ देती है. इससे यमुना में अमोनिया का स्तर काफी बढ़ जाता है.

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यमुना में कैसे बढ़ता है अमोनिया?
हरियाणा में डीडी-1 और डीडी-2 दो नहरें हैं. इन दोनों नहरों से दूषित पानी यमुना में पहुंचता है. डीडी-2 नहर को डाई ड्रेन भी कहा जाता है क्योंकि इस नहर में इंडस्ट्रीज से निकला डाई ज्यादा मात्रा में होता है. इस डाई में ही भारी अमोनिया मौजूद होता है. यह दोनों नहरें हरियाणा के पानीपत जिले के शिमला गुजरन गांव के पास एक-दूसरे से मिलती हैं. शिमला गुजरन गांव से ये नहरें आगे बहते हुए खोजकीपुर गांव के पास यमुना नदी में मिल जाती हैं. यमुना में प्रदूषण फैलाने वाला यह एक बड़ा केन्द्र है, जहां अक्सर अमोनिया का स्तर 25-40 पीपीएम हो जाता है.

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दिल्ली सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ''दिल्ली को सीएलसी, डीएसबी एवं यमुना के अलावा डीडी-8 नहर से भी पानी की सप्लाई की जाती है. डीडी-8 नहर के साथ कुछ किलोमीटर तक एक और नहर डीडी-6 (प्याऊं मनिहारी, हरियाणा) भी बहती है जिसमें हरियाणा भारी मात्रा में औद्योगिक और घरेलू दूषित पानी छोड़ता है. ये दोनों नहरों के बीच में रेत की बोरियों से बंटवारा किया गया है, जो अकसर कई जगहों पर टूटा भी हुआ है. जिससे डीडी-6 का दूषित, अमोनिया वाला पानी  डीडी-8 में मिल जाता है और इस तरह ये अमोनिया दिल्ली पहुंचता है. इसके अलावा रोहतक शहर का नाला (रोहतक एक्स-रेगुलेटर) भी पूरे शहर का गंदा पानी डीडी-8 नहर में लाकर गिराता है. रोहतक नाले में कई बार अमोनिया का स्तर 28 पीपीएम के करीब होता है. हरियाणा सरकार अपने एसटीपी और सीईटीपी को भी असकर बंद रखती है.''

First Published : 08 Jan 2021, 10:54:02 AM

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