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5-जी इंटरनेट सेवा रोक रही Flight Operations... जानें सुरक्षा से जुड़ी बड़ी वजह

विशेषज्ञों की मानें तो 5-जी के सिग्नल विमान के उन उपकरणों को प्रभावित कर रहे हैं, जो विमान के लैंड करने और उसे रन-वे पर रोकने के लिए कारगर माने जाते हैं.

Written By : निहार सक्सेना | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 20 Jan 2022, 09:37:01 AM
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लैंडिंग के दौरान विमान को पेश आ रही हैं तकनीकी दिक्कतें. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • 5-जी के सी-बैंड सिग्नल विमान के उपकरणों को कर रहे प्रभावित
  • खासकर वह उपकरण जो लैंडिंग बाद रन-वे पर विमान को रोकते हैं
  • एल्टीमीटर बताता है आसमान में विमान और नीचे जमीन का अंतर

नई दिल्ली:  

अमेरिका में 5-जी इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत का असर विमानन कंपनियों पर पड़ना शुरू हो गया है. गुरुवार को एयर इंडिया समेत कई कंपनियों ने अपनी फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं. बुधवार को भी एयर इंडिया ने अपनी कई फ्लाइट्स रद्द की थी. सिर्फ एयर इंडिया ही नहीं जापान एयरलाइंस और एल निप्पो ने सी-बैंड 5-जी इंटरनेट सेवा को 19 जनवरी से अमेरिका के कई एयरपोर्ट के आसपास अमली-जामा पहनाने की शुरुआत से फ्लाइट्स के क्रियान्वयन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. 5-जी इंटरनेट सेवाओं के विस्तार से विमानों के कुछ उपकरणों को काम करने में तकनीकी दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है. विशेषज्ञों की मानें तो 5-जी के सिग्नल विमान के उन उपकरणों को प्रभावित कर रहे हैं, जो विमान के लैंड करने और उसे रन-वे पर रोकने के लिए कारगर माने जाते हैं. रात औऱ खराब मौसम में इस तरह की दिक्कत बड़े हादसे को जन्म दे सकते हैं. 

सबसे ज्यादा बोइंग-777 के एल्टीमीटर पर पड़ रहा असर
एक लिहाज से देखें तो 5-जी इंटरनेट सेवा के विस्तार को लेकर दुनिया भर में एक नई बहस शुरू हो गई है. इंटरनेट की इस सेवा के विमानन सेवाओं के परिचालन पर पड़ने वाले असर खासकर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए जाने लगे हैं. यह बहस तब शुरू हुई है जब कई देशों ने 2019 से ही अपने यहां 5-जी सेवाओं को शुरू कर दिया था. फिर अब क्यों इसको लेकर हाय-तौबा मच रही है. इसके मूल में है बोइंग 777 विमान, जो दुनिया की तमाम विमानन कंपनियों में मुख्य कैरिअर बतौर शामिल है. अमेरिकी विमानन नियामन संस्था फेडरल एवियेशन एडमिनिस्ट्रेटर (एफएए) ने विगत दिनों एक बयान में कहा था कि 5-जी इंटरनेट सेवा एयरक्राफ्ट के रेडियो एल्टीमीटर की कार्यप्रणाली में बाधा डाल रहा है. इस वजह से लैंडिंग मोड में आने के बाद विमान को इंजन और ब्रेकिंग सिस्टम में तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है. इस वजह से विमान को रन-वे पर रोकने में दिक्कत आएगी. एल्टीमीटर जमीन से विमान की ऊंचाई की नापजोंख रखता है.

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पुराने विमानों को सबसे ज्यादा आ रही दिक्कत
गौरतलब है कि संयुक्त अरब अमीरात ने दुनिया के तमाम देशों की तरह अपने एयरपोर्ट के आस-पास 5-जी इंटरनेट सेवाओं को बगैर किसी तकनीकी बाधा के शुरू करने में सफलता हासिल कर ली थी. हालांकि अमेरिका में एफएए की बड़ी चिंता यही रही कि 5-जी की सी-बैंड सर्विस एयरक्राफ्ट के रेडियो एल्टीमीटर की कार्यप्रणाली को प्रभावित करेगा. इसी के मद्देनजर कई बार टेलीकॉम कंपनियों को 5-जी सेवाओं को अमली-जामा पहनाने में योजनाओं को स्थगित करना पड़ा. एल्टीमीटर जमीन से आसमान के बीच विमान की ऊंचाई को सटीक अंकों में बताता है. ऐसे में खराब मौसम और रात के समय विमान को टेक-ऑफ और लैंड करने में आसानी होती है. अब जब 5-जी सिग्नल एल्टीमीटर पर असर डाल रहे हैं तो एफएए को दिशा-निर्देश देने पड़े हैं कि पुराने एल्टीमीटर वाले विमानों को आवाजाही की इजाजत नहीं होगी. खासकर रात और खराब मौसम में तो बिल्कुल भी नहीं. यही वजह है कि एयर इंडिया को अपनी उड़ाने दो दिन से लगातार रद्द करनी पड़ी है. 

ये उड़ाने हुईं है ज्यादा प्रभावित
कुल तीन विमान सेवाएं अमेरिकन एयरलाइंस, डेल्टा एयरलाइंस और एयर इंडिया वर्तमान में भारत और अमेरिका के बीच सीधी उड़ानें संचालित करती हैं. एयर इंडिया ने क्रमशः बुधवार और बृहस्पतिवार को संचालित होने वाली आठ उड़ानें और छह उड़ानें रद्द कर दीं. इस संबंध में एअर इंडिया ने ट्वीट कर कहा वह अमेरिका में 5जी संचार सेवा शुरू होने के कारण बुधवार को भारत-अमेरिका के बीच आठ उड़ानें संचालित नहीं करेगी. एयर इंडिया की इन आठ उड़ानों में दिल्ली-न्यूयॉर्क, न्यूयॉर्क-दिल्ली, दिल्ली-शिकागो, शिकागो-दिल्ली, दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को, सैन फ्रांसिस्को-दिल्ली, दिल्ली-नेवार्क और नेवार्क-दिल्ली शामिल हैं.

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5-जी सेवाओं का है यह दशक
इंटरनेट के इस्तेमाल में मोबाइल फोन नेटवर्क का आधार बनने जा रहा है 5-जी बैंड. यह विद्यमान 4-जी सेटअप का स्थान ले लेगा. विशेषज्ञों के मुताबिक 2025 के अंत तक दुनिया भर में 1.72 बिलियन उपभोक्ता 5-जी सेवा का इस्तेमाल कर रहे होंगे. हालांकि पहले यह दर 1.79 बिलियन आंकी गई थी. यह अलग बात है कि कोरोना संक्रमण के बावजूद इस दर में 0.13 बिलियन कनेक्शन का इजाफा देखा गया है. हालांकि अमेरिका के कई एयरपोर्ट के पास फिलहाल 5-जी सेवाओं के विस्तार को अगले आदेश तक विलंबित कर दिया गया है. हालांकि अब एक प्रश्न यह भी उठता है कि भारत में भी कई टेलीकॉम कंपनियां 5-जी सेवा लाने जा रही है. ऐसे में बड़ा सवाल यही उठता है कि पुराने एल्टीमीटर वाले विमान यहां कैसे ऑपरेट कर सकेंगे? 

First Published : 20 Jan 2022, 09:34:13 AM

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