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gupt navratri 2026 Photograph: (sora)
Gupt Navratri 2026: आज माघ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है. आज के दिन से ही माघ गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व समाप्त हो रहा है. इस पर्व में गुप्त रूप से की दुर्गा उपासना की जाती है. गुप्त नवरात्रि के दौरान दस महाविद्याओं की साधना का विशेष महत्व होता है. ये महाविद्याएं देवी पार्वती के शक्ति स्वरूप माने जाते हैं.
मां कमला की होती है पूजा
आज दशमी तिथि पर देवी कमला की विधिवत पूजा की जाती है. इस अवसर पर हवन, पुष्पांजलि और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं और मां दुर्गा को भावपूर्ण विदाई दी जाती है. इस दिन साधना पूर्णता और देवी की कृपा प्राप्त होती है.
कौन हैं देवी कमला?
देवी कमला को आदिशक्ति का तांत्रिक और प्रभावशाली स्वरूप माना जाता है. वे दसों महाविद्या की दसवीं और आखिरी महाविद्या हैं. उन्हें धन, वैभव, सौभाग्य और आध्यात्मिक प्रगति की अधिष्ठात्री देवी कहते हैं.
कैसा होता है उनका स्वरूप?
मां कमला कमल के आसन पर विराजमान होती है. देवी कमला लाल पोशाक धारण करती हैं. उन्होंने स्वर्ण आभूषण धारण किए होते हैं. उनकी दो भुजाओं में कमल होते हैं और अन्य दो भुजाओं में वरद और मुद्रा होती है.
कब होगा माघ गुप्त नवरात्रि का पारण?
आज यानी बुधवार को माघ गुप्त नवरात्रि का पारण भी होगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, नवरात्रि का पारण नवमी तिथि की समाप्ति के बाद दशमी तिथि के आरंभ होने पर ही किया जाना चाहिए. आज माघ गुप्त नवरात्रि का पारण प्रातः 07:11 बजे के बाद कभी भी किया जा सकता है. इस समय के पश्चात व्रत का हवन आदि कर सकते हैं.
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