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सेना ने तैयार किया स्पेशल डॉग स्क्वॉड, मरीज को सूंघकर बताएं कोरोना रिपोर्ट

सेना ने बताया कि मेरठ की रिमाउंट एंड वेटनरी कोर सेंटर ने तमिलनाडु की तमिलनाडु और कोकर-स्पेनियल ब्रीड के कुत्तों को कोरोना वायरस को डिटेक्ट करने के लिए तैयार किया है.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Chaurasia | Updated on: 09 Feb 2021, 03:28:58 PM
सेना ने तैयार किया डॉग स्क्वॉड, मरीज को सूंघकर बताएं कोरोना रिपोर्ट

सेना ने तैयार किया डॉग स्क्वॉड, मरीज को सूंघकर बताएं कोरोना रिपोर्ट (Photo Credit: ANI)

highlights

  • भारतीय सेना ने तैयार किया कोरोना की पहचान करने वाला डॉग स्क्वॉड
  • इंसान के पसीने और मूत्र को सूंघकर करेंगे कोरोना की पहचान
  • दिल्ली कैंट में मीडिया के सामने दिया सफल डेमो

नई दिल्ली:

भारत (India) में कोरोना वायरस (Corona Virus) का कहर लगातार जारी है. बीते 24 घंटों की बात करें तो देशभर में कोरोनावायरस (Coronavirus) के कुल 9110 नए मामले सामने आए हैं. फिलहाल, भारत में अभी सिर्फ दो तरीकों से कोविड-19 टेस्ट किए जा रहे हैं. देशभर में RT-PCR और रैपिड एंटीजन के जरिए कोरोना वायरस के सैंपल (Sample) टेस्ट किए जा रहे हैं. लेकिन भारत में पहली बार कोरोना वायरस के मरीजों को पहचानने के लिए भारतीय सेना (Indian Army) ने स्पेशल डॉग स्क्वॉड (Dog Squad) तैयार किया है. सेना के ये डॉग्स मरीजों (Patients) के पसीने (Sweat) और मूत्र (Urine) के सैंपल को सूंघकर उनकी कोरोना वायरस रिपोर्ट बता देंगे.

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भारतीय सेना ने मंगलवार को राजधानी के दिल्ली कैंट (Delhi Cantonment) में मीडिया की मौजूदगी में 'के-9' (कैनानइन) स्क्वॉड का सफल डेमो दिखाया. खबरों के मुताबिक भारतीय सेना इन डॉग्स को पूर्वी लद्दाख के पास LAC पर तैनात जवानों की जांच के लिए इस्तेमाल कर रही है. सेना ने बताया कि मेरठ की रिमाउंट एंड वेटनरी कोर सेंटर ने तमिलनाडु की तमिलनाडु और कोकर-स्पेनियल ब्रीड के कुत्तों को कोरोना वायरस को डिटेक्ट करने के लिए तैयार किया है.

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सेना ने कहा है कि वे इन दोनों ब्रीड के अलावा लेबराडोर ब्रीड के कुत्तों को भी कोरोना की पहचान करने के लिए ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है. सेना ने कहा है कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ये सभी कुत्ते इंसान के पसीने और मूत्र से उनकी पहचान कर लेंगे कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित हैं या नहीं. आरवीसी कोर के लेफ्टिनेंट कर्नल सुरेंद्र सैनी ने बताया कि ट्रेनिंग में कुत्तों को मरीज के मूत्र और पसीने से निकलने वाले बायोमार्कर्स की पहचान कराई जाती है, जिससे वे मरीजों को पहचान पाने में सक्षम हो पाते हैं.

First Published : 09 Feb 2021, 03:28:58 PM

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