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kids health tips Photograph: (SORA)
Kids Health Tips: अक्सर देखा जाता है कि जैसे ही मौसम बदलता है ठंड बढ़ती है, बारिश होती है या तापमान में अचानक बदलाव आता है तो बच्चों को सर्दी-खांसी, बुखार या गले में इंफेक्शन की शिकायत होने लगती है. माता-पिता इसका कारण सिर्फ मौसम को मानते हैं लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कई छिपे कारण हो सकते हैं. चलिए जानते हैं इस बारे में विस्तार से.
एक्सपर्ट ने दी सलाह
आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट पीडियाट्रिक्स इंटेंसिविस्ट डॉ. समीर पुनिया न्यूज नेशन को बताते हैं कि मौसम खुद बीमारी का कारण नहीं बनता लेकिन यह वायरस के फैलने की क्षमता को आसान बना देता है. इससे कुछ समय के लिए शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है. इसलिए, मौसम बदलने के समय बच्चों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है.
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बच्चों के बीमार होने के कुछ कारण
1.तापमान में अचानक बदलाव
मौसम बदलने पर तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव होता है. शरीर को इन बदलावों के साथ तालमेल बैठाने में समय लगता है. इस दौरान बच्चों की इम्युनिटी थोड़ी कमजोर हो जाती है, जिससे वे वायरल संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते हैं. इससे बचने के लिए बच्चों को लेयर्स में कपड़े पहनाएं और उन्हें अचानक बहुत ठंडे या गीले कपड़ों में न रहने दें.
2.वायरस का ज्यादा फैलना
मौसम बदलते समय सर्दी-जुकाम और श्वसन तंत्र से जुड़े वायरस तेजी से फैलते हैं. खासकर जब स्कूल खुलते हैं तो बच्चे एक साथ ज्यादा समय बिताते हैं, जिससे संक्रमण एक बच्चे से दूसरे बच्चे में भी जल्दी फैल जाता है. ऐसे में बच्चों को बार-बार हाथ धोने की आदत डलवाएं और उन्हें बार-बार चेहरे को छूने से बचने के लिए समझाएं.
3.धूप कम मिलना और विटामिन-D की कमी
सर्दियों में या बरसात के मौसम में बच्चे कम समय के लिए बाहर खेलते हैं. इससे उन्हें धूप कम मिलती है और शरीर में विटामिन-D का स्तर घट जाता है. विटामिन-D भी हमारे शरीर की इम्युनिटी को मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाता है. इसलिए, हमें बच्चों को रोज कुछ समय धूप में खेलने देना चाहिए और उनकी डाइट में अंडे, फोर्टिफाइड अनाज, दूध जैसे विटामिन-D से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए.
4.घर के अंदर की हवा की खराब गुणवत्ता
जब बाहर का मौसम बहुत ठंडा, गर्म या बरसाती होता है तो बच्चे अधिकतर समय घर के अंदर ही रहते हैं. ऐसे में कमरे में धूल, फंगस या एलर्जी पैदा करने वाले तत्व पैदा हो सकते हैं. इससे बच्चों की सांस की नलियों में सूजन हो जाती है और सर्दी-खांसी की समस्या बढ़ सकती है. ऐसे में आपको अपने घर के अंदर साफ-सफाई रखनी चाहिए और कमरे में पर्याप्त हवा आने-जाने की व्यवस्था का ध्यान रखना चाहिए.
5.नींद और खान-पान का बिगड़ना
मौसम बदलने से कई बार बच्चों की दिनचर्या भी प्रभावित हो जाती है. देर से सोना, बाहर कम खेलना और अनियमित खान-पान से उनकी इम्युनिटी वीक हो जाती है. इससे शरीर जल्दी खतरनाक संक्रमणों से लड़ नहीं पाता है. बच्चों की नियमित दिनचर्या बनाए रखें, उन्हें पर्याप्त नींद दिलाएं और उनके आहार में फल, सब्जियां और प्रोटीन शामिल करें.
कब मिलें डॉक्टर से?
डॉ. समीर पुनिया कहते हैं कि मौसम बदलने के दौरान बच्चों का बार-बार बीमार पड़ना आम बात है. यह अक्सर उनके इम्यून सिस्टम पर निर्भर करता है. लेकिन अगर बच्चा बहुत ज्यादा बीमार पड़ रहा हो, उसकी ग्रोथ या रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हो रही हों, तो तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार, थोड़ी सावधानी, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाकर बच्चों को मौसम बदलने के दौरान होने वाली बीमारियों से बचाया जा सकता है.
बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपाय
- बच्चों को अदरक-तुलसी का काढ़ा दे सकते हैं.
- उन्हें गुनगुना पानी पिलाएं ताकि उनकी पाचन शक्ति मजबूत रहें.
- हल्दी और नीम के पानी से बच्चों को नहलाएं. उन्हें अचानक गर्म या ठंडे पानी से नहीं नहलाना चाहिए.
- बच्चों को नियमित रूप से शहद खिलाएं.
- बंद नाक और गले की खराश दूर करने के लिए उन्हें दवा देने से पहले स्टीम दें.
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