Holi 2026: होली खेलने से पहले सावधान! केमिकल रंगों से हो सकती हैं ये 7 गंभीर समस्याएं

Holi 2026: क्या आपको पता है होली पर अगर सही रंगों का चुनाव नहीं किया गया तो हमारे शरीर को ये 7 गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं.

Holi 2026: क्या आपको पता है होली पर अगर सही रंगों का चुनाव नहीं किया गया तो हमारे शरीर को ये 7 गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं.

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Namrata Mohanty
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holi 2026 Photograph: (holi 2026)

Holi 2026: होली रंगों और आपसी भाईचारे का त्योहार है. इस त्योहार पर एक-दूसरे को रंग लगाकर बधाई देने की परंपरा है. लेकिन आजकल सिंथेटिक रंगों के बढ़ते इस्तेमाल से त्वचा, बाल और आंखों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है. बाजार में मिलने वाले होली के सूखे और गीले रंगों में इंडस्ट्रियल डाई, हैवी मेटल्स, माइका पाउडर, कांच के महीन कण और हानिकारक रसायन मिलाए जाते हैं. ये हमारे चेहरे के लिए बिल्कुल सेफ नहीं होते हैं. ये तत्व सेंसिटिव स्किन या मुंहासों वाली त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. आइए जानते हैं डॉक्टर से इससे बचाव के कुछ जरूरी उपाय.

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एक्सपर्ट ने दी सलाह

काया लिमिटेड की डॉ. सारन्या बी. कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट एवं मेडिकल एडवाइजर बताती है कि सिंथेटिक रंग एक्ने प्रोन और सेंसिटिव स्किन वाली त्वचा पर ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं. इसलिए, होली खेलने से पहले उनके जोखिमों को समझना जरूरी होता है.

केमिकल वाले रंगों से होते हैं ये नुकसान

1.स्किन में जलन और रैशेज

सिंथेटिक रंगों में लेड ऑक्साइड, कॉपर सल्फेट और क्रोमियम जैसे केमिकल होते हैं, जो त्वचा पर लालपन, खुजली, जलन और रैशेज पैदा कर सकते हैं. कुछ मामलों में सूजन और फफोले भी हो सकते हैं, खासकर चेहरे और गर्दन जैसे संवेदनशील हिस्सों पर. जिन लोगों को पहले से एक्जिमा या रोजेशिया है, उनमें समस्या ज्यादा बढ़ सकती है. ये लोग होली में रंग कम लगाएं.

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2.स्किन एलर्जी

कुछ मिलावटी रंग एलर्जी को ट्रिगर करते हैं. इसके लक्षण 24-48 घंटे बाद दिखाई देते हैं, जैसे स्किन पर तेज खुजली, सूखी त्वचा, पपड़ी बनना और कभी-कभी पानी निकलना. बार-बार ऐसे रंगों के संपर्क में आने से त्वचा लंबे समय तक संवेदनशील हो सकती है.

3.मुंहासों की समस्या बढ़ना

होली पर रंगों के महीन कण पसीने और स्किन के ऑयल्स के साथ मिलकर पोर्स को बंद कर देते हैं, जिससे बैक्टीरिया बढ़ते हैं. इससे दर्दनाक मुंहासे, व्हाइटहेड्स और पस भरे फोड़े हो सकते हैं. रंग हटाने के लिए ज्यादा रगड़ने से दाग-धब्बों का खतरा भी बढ़ जाता है.

4.केमिकल बर्न और पिग्मेंटेशन

कुछ रंगों में डाई और हैवी मेटल्स होते हैं, जो स्किन की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाकर जलन और केमिकल बर्न का कारण बन सकते हैं. इसके बाद स्किन पर काले धब्बे पड़ सकते हैं, जो कई हफ्तों या महीनों तक रह जाते हैं.

5.बाल और स्कैल्प को नुकसान

सिंथेटिक रंग स्कैल्प की प्राकृतिक नमी को कम कर देते हैं, जिससे ड्राईनेस, खुजली और डैंड्रफ जैसी समस्या हो सकती है. बालों की जड़ें कमजोर हो सकती हैं, जिससे बाल झड़ने और दोमुंहे बालों की समस्या बढ़ सकती है. जिन लोगों ने हेयर ट्रीटमेंट कराया है, उन्हें भी नुकसान ज्यादा हो सकता है.

6.आंखों से जुड़ी समस्याएं

रंगों के कण आसानी से आंखों में चले जाते हैं, जिससे लालपन, जलन, पानी आना और कंजंक्टिवाइटिस (conjunctivitis) हो सकते हैं. गंभीर मामलों में आंख की सतह को नुकसान भी हो सकता है. ऐसे में तुरंत साफ पानी से आंख को धोना चाहिए.

7.स्किन इंफेक्शन का खतरा

अगर आपकी त्वचा पर पहले से कट या खरोंचे लगी हुई है तो उस पर गंदे रंग लगने से बैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन हो सकते हैं. 

बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह

होली खेलने से पहले त्वचा पर मॉइश्चराइजर और बालों में तेल लगाना चाहिए. इससे उन पर एक सिक्योर लेयर बन जाती है. पूरे बाजू के कपड़े पहनना और फूलों या ऑर्गेनिक रंगों का उपयोग करना सुरक्षित रहता है. वहीं, होली खेलने के बाद स्किन को हल्के क्लेंजर से साफ करें और ज्यादा रगड़ने से बचें. 

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