'Heart Month' के मौके पर जानिए 30 की उम्र में भी हार्ट रिस्क क्यों बढ़ रहा है? कैसे रखें दिल का ख्याल

Heart Attack Prevention: फरवरी के महीने को हार्ट मंथ के नाम से भी जाना जाता है. इस महीने दिल की बीमारियों के लेकर लोगों के बीच जागरुकता बढ़ाई जाती है और रोकथाम के बारे में बताया जाता है. आइए जानते हैं 30 की उम्र में हार्ट अटैक का कारण क्या है.

Heart Attack Prevention: फरवरी के महीने को हार्ट मंथ के नाम से भी जाना जाता है. इस महीने दिल की बीमारियों के लेकर लोगों के बीच जागरुकता बढ़ाई जाती है और रोकथाम के बारे में बताया जाता है. आइए जानते हैं 30 की उम्र में हार्ट अटैक का कारण क्या है.

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Namrata Mohanty
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heart attack causes Photograph: (SORA)

Heart Attack Prevention: हर साल फरवरी के महीने को दुनियाभर में हार्ट मंथ के तौर पर मनाया जाता है. इस महीने लोगों को दिल की सेहत के प्रति जागरूक करने के लिए कई अभियान चलाए जाते हैं. मगर अब चिंता की बात यह है कि अब हार्ट से जुड़ी समस्याएं सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है. आजकल युवाओं में हार्ट अटैक, हाई बीपी और हाई कोलेस्ट्रॉल के मामले भी तेजी से बढ़ते नजर आ रहे हैं. 

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डॉक्टरों के मुताबिक आज की तेज रफ्तार जिंदगी, गलत खानपान और तनाव भरी दिनचर्या के चलते 30 की उम्र के आसपास हार्ट अटैक का रिस्क काफी बढ़ गया है. चलिए जानते हैं इस बारे में.

युवाओं में क्यों बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा? 

दरअसल, अब कम उम्र में भी ब्लॉकेज, बीपी और शुगर जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि जंक फूड, ज्यादा नमक-चीनी, स्मोकिंग, शराब, कम नींद लेना और बैठे रहने वाले लोगों की दिल की नसें धीरे-धीरे कमजोर हो जाती है. इसके साथ ही मोटापा, फैटी लिवर और डायबिटीज भी हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ाते हैं.

एक्सपर्ट ने क्या कहा?

आकाश हेल्थकेयर के कार्डियोलॉजी विभाग के डायरेक्टर एवं यूनिट प्रमुख डॉ. आशीष अग्रवाल बताते हैं कि आज के युवाओं में दिल की बीमारियां बढ़ने की सबसे बड़ी वजह गलतफहमियां है. दरअसल, उनका मानना होता है कि वे फिट और हेल्दी हैं लेकिन अंदर से इन लोगों के हार्ट पर लगातार दबाव बन रहा होता है. 

इसके अलावा, तनाव, नींद पूरी न करना और बहुत ज्यादा फास्ट फूड खाने से धीरे-धीरे दिल की नसों में सूजन हो जाती है. इससे कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी बढ़ता है, जो हार्ट अटैक के रिस्क को बढ़ाता है.

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इन शुरुआती लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें

हार्ट की समस्या के संकेत कई बार हल्के होते हैं और लोग उन्हें गैस या थकान समझकर इग्नोर देते हैं. लेकिन कुछ लक्षण ऐसे हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देना जरूरी होता है. जैसे-

  • सीने में दबाव, भारीपन या जलन होना.
  • चलने पर सांस फूलना.
  • बार-बार चक्कर आना या घबराहट होना.
  • बाएं हाथ, कंधे या जबड़े में दर्द होना.
  • अचानक पसीना आना. 
  • बहुत ज्यादा थकान महसूस करना.

एक्सपर्ट बताते हैं कि Young मरीजों में सबसे बड़ा खतरा यही है कि वे लोग लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते हैं. अगर सीने में दबाव, सांस फूलना या अचानक कमजोरी हो रही है तो तुरंत जांच करानी चाहिए.

Heart Attack के कुछ कारण

एक्सपर्ट्स के अनुसार आज के समय में कुछ आदतें हार्ट के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक बन चुकी हैं. जैसे-

  • देर रात तक जागना और कम नींद लेना.
  • फिजिकल एक्टिविटी की कमी.
  • ज्यादा तला-भुना, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड का सेवन करना.
  • स्मोकिंग और वेपिंग करना.
  • लगातार तनाव में रहना और बढ़ा हुआ स्क्रीन टाइम.
  • एनर्जी ड्रिंक और अत्यधिक कैफीन का सेवन करना.

कौन से मेडिकल Test करवाएं?

डॉक्टर बताते हैं कि अगर किसी की उम्र 30 के आसपास है और उनकी लाइफस्टाइल अनियमित है या परिवार में पहले भी हार्ट डिजीज की हिस्ट्री है, तो उन्हें कुछ बेसिक टेस्ट समय-समय पर करवाने चाहिए.

  1. ब्लड प्रेशर.
  2. लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल की जांच).
  3. ब्लड शुगर (फास्टिंग/HbA1c).
  4. ECG टेस्ट.

हार्ट हेल्थ के लिए अपनाएं ये सरल उपाय

  • रोज 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें.
  • नमक और चीनी का सेवन कम करना चाहिए.
  • हरी सब्जियां, फल और नट्स का सेवन बढ़ाएं.
  • स्मोकिंग कम करें या बंद कर दें.
  • 7-8 घंटे की नींद प्रतिदिन लें.
  • तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें.

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